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महिला जनसुनवाई आगरा में

प्रकाशित: 26 Jul 2025

आगरा, 29 जुलाई 2025 — उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की माननीय अध्यक्ष डा. बबिता सिंह चौहान आगामी 29 जुलाई को आगरा सर्किट हाउस में एक विशेष महिला जन‑सुनवाई का आयोजन करेंगी। इस आयोजन का उद्देश्य जनपद आगरा व आसपास मौजूद जिलों जैसे मथुरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद आदि से स्वयं मौजूद होकर महिलाएँ अपनी समस्या सीधे आयोग अध्यक्ष को प्रस्तुत कर सकेंगी।

इस सार्वजनिक सुनवाई के माध्यम से आयोग घर, समाज एवं कार्यस्थल में महिलाओं के विरुद्ध उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़‑छाड़ और अन्य सुरक्षा एवं अधिकारों से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करेगी। हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा तथा पुलिस और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। पूर्व में इसी तरह जून की सुनवाई में 46 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से अधिकांश घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और छेड़‑छाड़ से संबंधित थे, और आयोग अध्यक्ष ने तत्काल क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे 

उन्होंने कहा था कि महिलाओं की कोई आवाज अब ना अनसुनी होगी और ना दबाई जाएगी, और जनपद स्तर पर पुलिस अधिकारियों से संवाद करते हुए कार्यवाही का आश्वासन दिया था। इसी तर्ज पर, इस बार भी डॉ. चौहान आगरा में पुलिस और अन्य विभागीय अफसरों की उपस्थिति में सुनवाई करेंगी, ताकि शिकायतों का जमीनी स्तर पर समीक्षा करते हुए त्वरित न्याय दिलाया जा सके 

सभा के दौरान नगर निगम, स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम, पुलिस और कौशल विकास जैसे विभागों से संबंधित अधिकारी भी मौजूद होंगे। यह सुनवाई महिलाओं को सीधे अपने अधिकार सुरक्षित कराने का सार्वजनिक मंच प्रदान करेगी। आयोग द्वारा पिछले महीनों में जारी अभियान के तहत, सार्वजनिक परिवहन में चालक की पहचान, मोबाइल नंबर, पता सहित जानकारी स्पष्ट रूप से पिछली सीट पर लिखे जाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे महिलाओं की यात्रा को और सुरक्षित बनाया जा सके 

ปिबिन अधिकारिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग महिला थानाध्यक्ष और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रेरित करेगी कि शिकायतों में निरंतरता बनी रहे और किसी भी प्रकार की टालमटोल, विलंब या लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महिला शिकायतों के मामले में पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए 

इस प्रकार की जन‑सुनवाई न केवल पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की पहल है, बल्कि यह सरकार और प्रशासन के समन्वय को मजबूत करने का प्रयास भी है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा के मामले में लोक विश्वास बढ़ेगा।