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आगरा न्यूज़

प्रकाशित: 31 Jul 2025

आगरा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने मंगलवार को सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई के दौरान थानों में महिलाओं की अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि थाने में आने वाली पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें थाने के चक्कर न लगवाए जाएं।

जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, और अन्य अपराधों की शिकार 78 महिलाओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। डॉ. चौहान ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जो महिलाएं शिक्षित और जागरूक हैं, वो किसी तरह आयोग तक पहुंच रही हैं, लेकिन गरीब और असहाय महिलाएं अब भी न्याय के लिए थानों के चक्कर काट रही हैं।

उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष यदि लापरवाही बरतते पाए गए, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। महिला अपराध के मामलों में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

एक घरेलू झगड़े के मामले में मौके पर ही समझौता कराया गया, जबकि कई शिकायतों को जांच के लिए अधिकारियों को सौंपा गया। डॉ. चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता के साथ मामलों की जांच करें और रिपोर्ट सात दिन में प्रस्तुत करें।

जनसुनवाई में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जाहिर की गई। इन अधिकारियों से आयोग ने स्पष्टीकरण मांगा है।

जनसुनवाई में उपस्थित महिलाओं के साथ आए बच्चों को पोषण सामग्री और बेबी किट वितरित की गई। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, एसीपी सुकन्या शर्मा, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, आशीष शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।