भदोही में किसानों का आक्रोश फूटा
भदोही।
कटेबना सुंदरवन क्षेत्र में किसानों के अधिकारों के साथ हो रहे कथित अन्याय को लेकर आज भदोही में माहौल गरमा गया। अवैध जंगल कटान, किसानों की नाम दर्ज जमीन पर कब्जे के प्रयास, खेत की जुताई रोके जाने और गांवों को जोड़ने वाले सरकारी मार्ग को JCB मशीन से पूरी तरह खत्म किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि भूमाफिया तत्वों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से जंगल की कटाई कराई गई और 5–6 गांवों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता नष्ट कर दिया गया, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी ही जमीन पर खेती तक नहीं करने दी जा रही और जबरन कब्जा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
किसानों ने यह भी गंभीर सवाल उठाया कि तमिलनाडु की रहने वाली बताई जा रही राजलक्ष्मी मंडा का भदोही निर्वाचन कार्यालय से वोटर कार्ड आखिर किन दस्तावेजों के आधार पर जारी हुआ। किसानों के अनुसार जब इन अवैध गतिविधियों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, तो उन्हें हटाने और साक्ष्य मिटाने का दबाव भी बनाया गया।
घेराव के दौरान किसानों ने प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों और साक्ष्यों के बावजूद उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रशासनिक चुप्पी से दबंगों के हौसले बढ़ रहे हैं।
मौके पर मौजूद सपा विधायक जाहिद बेग ने किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि किसी बाहरी राज्य की निवासी का गलत तरीके से वोटर कार्ड बनाया गया है, तो यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। वहीं जिला पंचायत पद के प्रत्याशी राजेंद्र मिश्र ने भी जंगल, जमीन और किसानों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
किसानों ने प्रशासन से मांग की कि अवैध जंगल कटान और रास्ता बंद करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, वोटर कार्ड की वैधता की जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए और किसानों को उनकी जमीन पर खेती करने का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
फिलहाल प्रशासन और निर्वाचन कार्यालय की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।