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लाखो के बजट वाला यूथ पार्लियामेंट बना माजाक

प्रकाशित: 16 Mar 2026

*लाखों के बजट वाला यूथ पार्लियामेंट बना मजाक, 39 में से सिर्फ 5 छात्र-छात्राएं पहुंचे !*

*बंद कमरे में निपटाया गया यूथ पार्लियामेंट, कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप !*

*बार-बार बदली तारीख, प्रचार नहीं… छात्रों ने किया यूथ पार्लियामेंट से किनारा !*

*नाश्ते के नाम पर सड़े केले, बंद पैकेट बिस्कुट और समोसे – छात्र-छात्राओं को नहीं मिला लंच, यूथ पार्लियामेंट में बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ !*

*नौगांव के बापू डिग्री कॉलेज में यूथ पार्लियामेंट फेल, जिम्मेदारों ने साधी चुप्पी !*

छतरपुर जिले के नौगांव स्थित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय बापू डिग्री कॉलेज में आयोजित यूथ पार्लियामेंट कार्यक्रम पूरी तरह अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ता नजर आया। *भारत सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना* के लिए कॉलेज को लाखों रुपये का बजट मिलने के बावजूद कार्यक्रम में केवल पांच छात्र -छात्राएं पहुंची, जिससे पूरे आयोजन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार यूथ पार्लियामेंट कार्यक्रम के लिए कुल 39 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान मात्र 5 छात्र ही कॉलेज पहुंचे। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा कार्यक्रम का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया, जिसके कारण अधिकांश छात्र-छात्राएं कार्यक्रम से दूर रहे।

इतना ही नहीं, कार्यक्रम की तारीख भी कई बार बदली गई। शुरुआत में यह आयोजन 2 मार्च को होना तय हुआ था, लेकिन बाद में इसे 13 मार्च कर दिया गया और आखिरकार 16 मार्च को कार्यक्रम आयोजित किया गया। लगातार तारीख बदलने से छात्र-छात्राएं भी परेशान हो गए और उन्होंने कार्यक्रम में दिलचस्पी लेना ही बंद कर दिया।

नाश्ते के नाम पर छात्रों को बंद पैकेट में बिस्कुट, सड़े हुए केले और समोसे दिए गए, जिसे लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। छात्रों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। इतना ही नहीं, कई छात्र-छात्राएं  को लंच तक नहीं कराया गया, जिसके कारण कई छात्र-छात्राएं बिना भोजन किए ही कॉलेज से वापस लौट गए।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कार्यक्रम कॉलेज के एक बंद कमरे में ही निपटा दिया गया। जब मीडिया को इसकी जानकारी लगी और मीडिया कॉलेज पहुंची तो कॉलेज प्रबंधन और कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। कार्यक्रम अधिकारी ने नहीं उठाया फोन कॉल और किसी तरह का स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
कॉलेज प्राचार्य डॉ पीके मिश्रा ने भारत सरकार के कार्यक्रम को बनाया मजाक !

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी यूथ पार्लियामेंट कार्यक्रम को लेकर लगातार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो रही थीं, जिसके बाद कार्यक्रम अधिकारी को बदल दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ और कार्यक्रम फिर भी अव्यवस्थाओं के बीच ही निपटा दिया गया।

*अब इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार जी* से कॉलेज प्रबंधन की शिकायत करने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के कारण शासन की महत्वपूर्ण योजना पर पानी फिर गया और कई छात्र-छात्राएं इस अवसर से वंचित रह गए।