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बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की होगी सख्त जांच, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश — सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी

प्रकाशित: 01 Nov 2025

गोरखपुर। जनपद में जिला गंगा समिति की समीक्षा बैठक बृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित हुई। बैठक में वन विभाग के डीएफओ विकास यादव, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, जल निगम तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में मुख्य रूप से स्वास्थ्य संस्थानों (सरकारी एवं निजी अस्पतालों) द्वारा उत्पन्न बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण की समीक्षा की गई। सीडीओ ने कहा कि सभी अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लिनिक यह सुनिश्चित करें कि वे अपने संस्थान में उत्पन्न बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुसार करें।

डीएफओ विकास यादव ने निर्देश दिया कि जनपद के सभी स्वास्थ्य संस्थानों की एक विस्तृत सूची तैयार की जाए, जिसमें यह विवरण दर्ज हो —

1️⃣ कचरे का निस्तारण किस प्रकार किया जा रहा है।

2️⃣ प्रतिदिन उत्पन्न कचरे की मात्रा कितनी है।

3️⃣ निस्तारण किस एजेंसी या संस्था के माध्यम से कराया जा रहा है।

4️⃣ कितने संस्थानों की जांच हो चुकी है और किनमें सुधार की आवश्यकता है।

सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने स्पष्ट कहा कि “कार्यदाई संस्थाओं या अस्पतालों द्वारा बायोमेडिकल कचरे के अनुचित निस्तारण पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी।”

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि शहर के कुछ क्षेत्रों से खुले में कूड़ा फेंके जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस पर डीएफओ ने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में मौके पर जांच की जाए और जिम्मेदारों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में नमामि गंगे परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नालों और अपशिष्ट जल निस्तारण की योजनाओं की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

सीडीओ ने निर्देश दिए कि गंगा एवं रामगंगा स्वच्छता कार्यक्रमों की साप्ताहिक स्थिति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि गंगा संरक्षण से जुड़ी सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करना अनिवार्य है, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।

अंत में सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने कहा कि “स्वच्छ गोरखपुर के लक्ष्य को साकार करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। लापरवाही करने वाले किसी भी विभाग या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।”