डी.डी.यू. गोरखपुर विश्वविद्यालय में सेवा पखवाड़ा: छात्रों ने जिला कारागार और कस्तूरबा आवासीय विद्यालय का किया विशेष भ्रमण”
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा सेवा पखवाड़ा (17 सितम्बर – 2 अक्टूबर 2025) के तहत आज छात्रों के लिए एक विशेष भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने जेल अधीक्षक डी.के. पांडेय और जेलर अरुण कुमार कुशवाहा के मार्गदर्शन में गोरखपुर जिला कारागार का दौरा किया।
कार्यक्रम महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल की प्रेरणा तथा कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। प्रो. दिव्या रानी सिंह ने कार्यक्रम का संयोजन किया और संचालन किया।
भ्रमण के दौरान छात्रों को कारागार की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। इनमें शैक्षिक कक्षाएँ शामिल हैं, जो बंदियों को साक्षर बनाने और उच्च शिक्षा से जोड़ने हेतु आयोजित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक प्रशिक्षण के तहत सिलाई-कढ़ाई, बढ़ईगिरी, बुनाई, पेंटिंग और कंप्यूटर शिक्षा दी जाती है, ताकि रिहाई के बाद कैदी आत्मनिर्भर बन सकें।
स्वच्छता और स्वास्थ्य पहल के तहत कारागार परिसर में योग, ध्यान और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों में कविता-पाठ, भजन-कीर्तन, रंगमंच और उत्सव आधारित कार्यक्रम शामिल हैं। कैदियों द्वारा तैयार कपड़े, हस्तशिल्प और खाद्य सामग्री स्थानीय बाजार और सरकारी संस्थानों में आपूर्ति की जाती है।
छात्रों ने महिला बैरक का निरीक्षण भी किया और महिला कैदियों तथा उनके बच्चों से संवाद किया। छह वर्ष तक के बच्चे अपनी माताओं के साथ कारागार में रह सकते हैं और उन्हें शिक्षा हेतु विशेष केंद्र भेजा जाता है।
कारागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे कैदी दूरस्थ अदालत सुनवाई में भाग ले सकते हैं। लाइब्रेरी और स्वास्थ्य क्लिनिक भी चलाए जाते हैं, जहाँ डॉक्टर नियमित रूप से विज़िट करते हैं।
छात्रों ने कैदियों से संवाद कर उनके अनुभव सुने। कई कैदियों ने बताया कि शिक्षा और प्रशिक्षण उनके जीवन को सुधारने और समाज में सम्मानजनक पहचान पाने का माध्यम बन रहे हैं। विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षक गार्गी पांडेय और एम.एससी. फूड टेक्नोलॉजी के छात्र-छात्राएँ भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।