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सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में शिक्षा व युवाओं की भूमिका अहम : कुलपति प्रो. पूनम टंडन

प्रकाशित: 11 Sep 2025

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “शताब्दी संकल्प @ 2027” के अंतर्गत विकसित भारत - विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत - आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश विषय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि “समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने में शिक्षा संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा राज्य के विकास का सबसे अहम घटक है और युवा ही परिवर्तन के वास्तविक वाहक हैं।”

विशेषज्ञों ने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट 2047 तीन प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है – समग्र विकास, आर्थिक नेतृत्व और सांस्कृतिक पुनर्जागरण। इसमें कृषि, औद्योगिक विकास, आईटी, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुशासन जैसे 12 सेक्टरों को चिन्हित किया गया है।

संवाद कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने छात्रों से संवाद किया। अतिथियों में देश दीपक वर्मा (IAS), रामकृष्ण यादव (IRS), विनय कृष्ण मिश्र (IFS), डॉ. बी.एन. सिंह, डॉ. सुनील कुमार श्रीवास्तव, डॉ. उपेंद्र व सुहास एल.वाई. शामिल रहे। सभी ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को विकसित उत्तर प्रदेश 2047 की सफलता की कुंजी बताया।

छात्रों ने भी अपने विचार रखे। एमबीए छात्र आशीष मिश्रा ने कहा कि “हमें केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर ही नहीं, उसके रखरखाव और सामाजिक जागरूकता पर भी ध्यान देना चाहिए।” वहीं छात्र शिवाजी ने नीतियों के प्रबंधन में नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अभिषेक शुक्ल ने कहा कि विकास मॉडल में भारतीयता की झलक दिखनी चाहिए। भारतीय संस्कृति और परिवार का मूल्य दुनिया को प्रेरित कर सकता है।

कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. विनीता पाठक और मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरेश रहे। संचालन डॉ. अमित कुमार उपाध्याय ने किया तथा आभार कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव ने जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवा शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।