डीएम ऑफिस में शुरू हुआ मुलाकाती पर्ची सिस्टम
गोरखपुर। जिला प्रशासन ने फरियादियों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए एक नई पहल की है। डीएम ऑफिस में अब मुलाकाती पर्ची सिस्टम लागू कर दिया गया है। यानी, अब जो भी व्यक्ति डीएम से मिलना चाहेगा, उसे पहले पर्ची बनवानी होगी। यह पर्ची न केवल एंट्री पास होगी बल्कि फरियादी की शिकायत के समाधान की अवधि और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का आधार भी बनेगी।
कैसे काम करेगा सिस्टम
पर्ची में फरियादी का नाम, पता और शिकायत की जानकारी दर्ज होगी। हर पर्ची पर यूनिक नंबर होगा, जिसके आधार पर उस शिकायत की स्थिति आईजीआरएस पोर्टल पर आसानी से देखी जा सकेगी। यदि कोई फरियादी कहे कि वह लंबे समय से चक्कर काट रहा है, तो उससे पुरानी पर्चियां मांगी जाएंगी। उन्हीं के आधार पर पता चलेगा कि समस्या कब से लंबित है और क्यों उसका समाधान नहीं हुआ।
अधिकारियों पर जवाबदेही
यदि कोई समस्या समाधान योग्य होने के बावजूद लंबित है, तो संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा। वहीं, यदि मामला उस स्तर से निस्तारित नहीं हो सकता, तो फरियादी को आगे की प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा।
डीएम ऑफिस का सिस्टम और लोकेशन
रेलवे बस स्टेशन के पास पर्यटन विभाग के भवन परिसर में स्थित डीएम ऑफिस में मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही बाईं ओर डीएम का कक्ष है और दाहिनी ओर मुलाकाती पर्ची बनाने का कक्ष। वहीं पर्ची मिलने के बाद ही फरियादी डीएम से मिल सकेंगे।
पर्ची का ड्यूल फायदा
पर्ची के एक हिस्से में फरियादी की जानकारी होगी, जबकि दूसरे हिस्से पर सरकारी योजनाओं और नए अभियानों का विवरण दर्ज होगा। यानी यह पर्ची समस्या निस्तारण का साधन होने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के प्रचार का भी माध्यम बनेगी।
डीएम दीपक मीणा का बयान
डीएम दीपक मीणा ने कहा—“आईजीआरएस पर हर दिन आने वाले आवेदनों को ऑनलाइन दर्ज किया जाता है। अब पर्ची नंबर डालकर संबंधित शिकायत की स्थिति आसानी से जांची जा सकेगी। जिनके पास मोबाइल पर मैसेज देखने की सुविधा नहीं है, उनके लिए यह हार्ड कॉपी उपयोगी होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि यह साफ हो सके कि कोई मामला समाधान योग्य है या नहीं। अगर मामला समाधान योग्य होने के बावजूद लंबित है तो इसे गंभीर माना जाएगा और जिम्मेदारी तय होगी।