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डूब क्षेत्र की जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक — डीएम दीपक मीणा ने एडीएम वित्त से मांगी रिपोर्ट

प्रकाशित: 10 Oct 2025

गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गुरुवार को डूब क्षेत्र (फ्लड ज़ोन) में हो रही अवैध प्लाटिंग और जमीन बिक्री पर सख्त कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से सभी रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने कहा कि डूब क्षेत्र की जमीनें जनसुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील हैं, इसलिए भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या संभावित जनहानि से बचने हेतु ठोस नीति बनाना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने इस संबंध में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनीत कुमार सिंह को निर्देशित किया कि वे डूब क्षेत्र की जमीनों का विस्तृत प्रस्ताव (प्रपोजल) तैयार करें और उस पर नीति निर्धारण हेतु रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जब तक यह रिपोर्ट नहीं आती, तब तक डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नई रजिस्ट्री नहीं की जाएगी।

बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, मुख्य अभियंता जीडीए किशन सिंह, रजिस्टार द्वितीय प्रसेनजीत सिंह, और एसडीएम सदर दीपक गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अब तक डूब क्षेत्र में जितनी भी रजिस्ट्रियां हुई हैं, उनका पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

डीएम मीणा ने कहा कि गोरखपुर के कुछ इलाकों में डूब क्षेत्र की जमीनों को अवैध रूप से प्लाटिंग कर बेचा जा रहा है, जिससे खरीदारों को भविष्य में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा, जो जनहित या सुरक्षा के विरुद्ध हो।

उन्होंने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि डूब क्षेत्र की सीमाओं का सर्वे कर अद्यतन नक्शा तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना समाप्त हो सके। डीएम ने कहा कि रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद आगे की कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर तय की जाएगी।

जिलाधिकारी के इस निर्णय से डूब क्षेत्र में हो रही अवैध प्लाटिंग और बिक्री पर फिलहाल पूर्ण विराम लग गया है। उन्होंने खरीदारों से भी अपील की है कि जब तक रिपोर्ट नहीं आती, वे ऐसे किसी क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त से बचें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या भौतिक हानि न हो।