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मत्स्यपालकों के सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, सभापति वीरू साहनी ने की समीक्षा बैठक

प्रकाशित: 02 Nov 2025

उत्तर प्रदेश मत्स्यजीवी सहकारी संघ लिमिटेड के सभापति वीरू साहनी ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जनपद की सभी मत्स्यजीवी सहकारी समितियों के अध्यक्षों, सचिवों और मत्स्यपालकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और उनके त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

सभापति साहनी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार मत्स्यपालक समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मत्स्य पालन किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के माध्यम से मछुआरों की आय बढ़ाने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचे, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मत्स्य क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत अभियान का महत्वपूर्ण आधार मानती है। इसलिए मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े सभी घटकों को सशक्त बनाना आवश्यक है। साहनी ने मछुआ दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पात्र मत्स्यजीवियों का पंजीकरण शीघ्र कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रह जाए।

सभापति ने निष्क्रिय मत्स्य सहकारी समितियों को तत्काल नोटिस जारी करने और सक्रिय समितियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय समितियों के स्थान पर नई समितियों का गठन कर उन्हें मत्स्य पालन गतिविधियों में जोड़ा जाए। इसके साथ ही जनपद के सभी तालाबों की शत-प्रतिशत नीलामी सुनिश्चित की जाए, ताकि मत्स्य उत्पादन को गति मिले और सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे।

वीरू साहनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मत्स्यपालकों की आय को दोगुना करने के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बैंकिंग प्रणाली से बेहतर तालमेल बनाने, किसान क्रेडिट कार्ड वितरण को तेज करने और मत्स्य उत्पादों के विपणन हेतु आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही।

बैठक में उपनिदेशक मत्स्य विभाग, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक मनोज कुमार श्रीवास्तव, सचिव मंडी समिति, तकनीकी अधिकारी और बड़ी संख्या में मत्स्यपालक उपस्थित रहे। सभी ने अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के सुझाव दिए।