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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर बनी फिल्म अजेय रिलीज, दर्शकों ने दी सराहना

प्रकाशित: 20 Sep 2025

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म अजेय शुक्रवार को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। खासतौर पर गोरखपुर, जिसे योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि माना जाता है, यहां फिल्म को लेकर लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला। शहर के विभिन्न मल्टीप्लेक्स और सिनेमा घरों में सुबह से ही दर्शकों की भीड़ जुटी और लोग फिल्म देखकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा करते रहे।

फिल्म अजेय में योगी आदित्यनाथ के बचपन से लेकर गोरखपुर मठ में दीक्षा लेने और उसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने तक की पूरी जीवन यात्रा को चित्रित किया गया है। दर्शकों ने बताया कि फिल्म में एक साधारण परिवार के बालक का त्याग, ब्रह्मचर्य और सेवा भाव को बेहद भावनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसमें यह संदेश दिया गया है कि जीवन की सारी सुख-सुविधाओं का त्याग कर भी राष्ट्र और धर्म की सेवा सर्वोपरि हो सकती है।

फिल्म देखने पहुंचे लोगों का कहना था कि इसमें योगी आदित्यनाथ की छवि को एक संत और सेवक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वास्तविक जीवन में जहां उन्हें कट्टरवाद और हिंदुत्व की राजनीति से जोड़कर देखा जाता रहा है, वहीं फिल्म में उनके जीवन के आध्यात्मिक और सामाजिक पक्ष को उभारा गया है।

कई दर्शकों ने कहा कि तीन घंटे की इस फिल्म में योगी आदित्यनाथ के संपूर्ण जीवन और कार्यों को दिखाना आसान नहीं था। उनका मानना है कि योगी जी की यात्रा इतनी व्यापक और बहुआयामी है कि उसे पूरी तरह चित्रित करने के लिए कई फिल्में भी कम पड़ जाएंगी।

फिल्म के भावनात्मक दृश्यों पर दर्शक खुद को रोक नहीं पाए और कई मौकों पर तालियों की गड़गड़ाहट से थिएटर गूंज उठा। खासकर वह दृश्य, जिसमें एक किशोर आदित्यनाथ (अजय सिंह बिष्ट) गोरखपुर मठ में दीक्षा लेते हैं और जीवन भर ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए देश और समाज की सेवा का संकल्प लेते हैं, ने दर्शकों के दिल को छू लिया।

गोरखपुर के एक दर्शक ने कहा, “फिल्म अजेय सिर्फ एक राजनीतिक जीवनी नहीं है, बल्कि यह प्रेरणादायक यात्रा है। इसमें त्याग, सेवा और दृढ़ संकल्प का ऐसा चित्रण है, जिसे देखकर नई पीढ़ी को मार्गदर्शन मिलेगा।”

स्थानीय व्यापारियों, छात्रों और महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में फिल्म देखी और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। लोगों ने कहा कि यह फिल्म योगी आदित्यनाथ को केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक संत और कर्मयोगी के रूप में स्थापित करती है।

फिल्म रिलीज के पहले ही दिन गोरखपुर समेत कई शहरों में हाउसफुल रही और दर्शकों की भीड़ ने इसे सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। विशेषज्ञों का कहना है कि फिल्म अजेय न केवल योगी आदित्यनाथ के जीवन की झलक दिखाती है, बल्कि यह समाज को एक संदेश भी देती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा, त्याग और समर्पण से ही बनता है।