गौड़धैया नाला अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई तेज
गोरखपुर। शहर के सौंदर्यकरण और जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने गौड़धैया नाला पर हो रहे अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सदर तहसील प्रशासन की टीम मौके पर रहकर नाले को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया तेज गति से चला रही है।
एडीएम सदर दीपक गुप्ता एवं डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह के नेतृत्व में बुधवार को शाहपुर जेल बाईपास रोड क्षेत्र में नाले पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। इस कार्रवाई में कानूनगो, लेखपाल और पुलिस बल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चल रही 474.42 करोड़ रुपये की गौड़धैया नाला जीर्णोद्धार परियोजना के अंतर्गत नाले, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कार्य जारी है। परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग साढ़े तीन लाख आबादी को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक परियोजना का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 9.20 किमी लंबा पक्का नाला, 38 एमएलडी क्षमता का एसटीपी, 18 किमी इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन और 16 कल्वर्ट के निर्माण का काम तेजी से जारी है। 16 में से 9 कल्वर्ट बन चुके हैं, जबकि 6 किमी सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है।
एडीएम सदर दीपक गुप्ता ने बताया कि मानसून समाप्त होते ही निर्माण की गति बढ़ा दी गई है। लक्ष्य है कि दिसंबर माह के अंत तक नाला और एसटीपी का कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटने से नाले के केचमेंट एरिया में आने वाली कॉलोनियों में जलभराव की समस्या समाप्त होगी और शोधित पानी को रामगढ़ताल में प्रवाहित किया जाएगा।
सदर तहसील प्रशासन की सक्रियता से अब गौड़धैया नाला के सौंदर्यकरण और जीर्णोद्धार का मार्ग प्रशस्त हो गया है। परियोजना पूरी होने पर यह क्षेत्र न केवल जलभराव-मुक्त होगा बल्कि शहर के स्वच्छ और टिकाऊ नगरीय विकास की दिशा में एक मिसाल भी बनेगा।