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गोरखपुर: नगर निगम की अतिक्रमण कार्रवाई विवादों में

प्रकाशित: 04 Sep 2025

गोरखपुर। नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई रेल विहार कॉलोनी में विवाद का कारण बन गई। अधिवक्ता सुमित कुमार मिश्रा के मकान पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान न केवल मकान को नुकसान पहुंचा बल्कि घर के बाहर स्थित शिवलिंग मंदिर भी तोड़ दिया गया। अधिवक्ता का आरोप है कि यह कार्रवाई नगर निगम अधिकारियों के भ्रष्टाचार की शिकायत करने के कारण की गई।

₹25 हजार की मांग और शिकायत का आरोप

सुमित कुमार मिश्रा ने चिलुआताल थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि नगर निगम के जेई अतुल कुमार ने एक माह पूर्व उनके भाई से ₹25,000 की माँग की थी। इस राशि में से ₹15,000 अधिशासी अभियंता के हिस्से के लिए बताए गए थे। रुपये न देने पर 2 सितंबर को दोपहर 12 बजे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई। अधिवक्ता ने बताया कि इस दौरान उनके शिवलिंग मंदिर और तिरंगे झंडे का भी अपमान हुआ।

बार एसोसिएशन का हस्तक्षेप

मामले पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भानु पांडेय एवं मंत्री सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल से मुलाकात की। अधिवक्ताओं ने जेई और अधिशासी अभियंता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। नगर आयुक्त ने इस मामले की दो दिन में जाँच कराने का आश्वासन दिया।

नगर निगम का पक्ष

नगर निगम के जेई अतुल कुमार ने फोन पर आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जब उच्च अधिकारी मामले की जांच करेंगे तो वे अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे।

मामले ने नगर निगम की अतिक्रमण नीतियों और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। अधिवक्ता और बार एसोसिएशन का कहना है कि न्यायसंगत कार्रवाई न होने पर वे कानूनी मार्ग अपनाएंगे।