दबंगों ने भाजपा नेता के प्रतिष्ठान पर चलवाया बुलडोज़र, व्यापार मंडल ने की सख्त कार्रवाई की मांग
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ताजा मामला हजारीपुर इलाके का है, जहां दबंगों ने भाजपा नेता चिरंजीवी चौरसिया के लंबे समय से संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर बुलडोज़र चलवाकर उसे ध्वस्त कर दिया। इस घटना के बाद न केवल स्थानीय लोगों में आक्रोश है बल्कि व्यापारिक संगठनों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे आपराधिक श्रेणी का कृत्य बताया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश नारायण पांडेय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि योगी जी के गृह नगर में इस तरह की अराजकता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यह घटना पुलिस प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।
श्री पांडेय ने कहा, “हजारीपुर में भाजपा नेता का प्रतिष्ठान बुलडोज़र से ढहाया जाना महज संपत्ति नुकसान नहीं है, बल्कि यह क़ानून व्यवस्था पर सीधा हमला है। यह बेहद चिंताजनक है कि दबंग तत्व इतनी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देकर भी खुलेआम घूम रहे हैं और संबंधित थाना पुलिस ने तत्काल कोई कठोर कदम नहीं उठाया।”
उन्होंने आगे कहा कि महानगर में पहले की तरह रात्रि पुलिस गश्त अब लगभग समाप्त हो गई है। यही कारण है कि आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो रहा है। पांडेय ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि इस तरह की घटनाओं पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो व्यापारियों का भरोसा पुलिस पर से उठ जाएगा।
व्यापार मंडल ने न केवल दोषियों की गिरफ्तारी बल्कि पुलिस व्यवस्था की समीक्षा की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर में अगर व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं तो यह प्रदेश सरकार की छवि पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि भाजपा नेता का प्रतिष्ठान वर्षों से यहां पर संचालित हो रहा था। अचानक बुलडोज़र चलाकर उसे ध्वस्त कर देना सुनियोजित साजिश का हिस्सा लगता है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दबंगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, तभी वे इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने का दुस्साहस कर पाए।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में बुलडोज़र का इस्तेमाल आम तौर पर अवैध निर्माण, अपराधियों और माफियाओं पर कार्रवाई के लिए किया जाता है। लेकिन इस घटना में दबंगों द्वारा भाजपा नेता की दुकान पर बुलडोज़र चलवाना न केवल चौंकाने वाला है बल्कि सत्ता और कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को भी उजागर करता है।
इस घटना से आक्रोशित व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
व्यापार मंडल ने स्पष्ट कहा है कि वे चुप बैठने वाले नहीं हैं। जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती और रात्रि गश्त पुनः शुरू नहीं की जाती, तब तक वे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।