गोरखपुर में सड़क सुरक्षा के लिए जगाई उम्मीद की लौ
सड़क हादसों के प्रति आमजन को जागरूक करने और ट्रैफिक नियमों के पालन की प्रेरणा देने के उद्देश्य से “यातायात माह” की पूर्व संध्या पर शुक्रवार की शाम गोरखपुर में एक भव्य कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। शास्त्री चौक से प्रारंभ होकर महात्मा गांधी प्रतिमा (भालोटिया चौराहा) तक निकले इस कैंडल मार्च को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस आयोजन की पहल मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के तत्वावधान में हुई, जिसमें जिले के प्रमुख पत्रकार संगठनों, समाजसेवियों, पुलिस अधिकारियों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसएसपी राज करन नय्यर ने कहा, “सड़क हादसों को रोकने के लिए सबसे पहले हमें खुद में बदलाव लाने की जरूरत है। जब हम अपने व्यवहार को सुधारेंगे, तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन आएगा।” उन्होंने लोगों से ट्रैफिक नियमों के पालन का आग्रह करते हुए कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट और गति सीमा का पालन अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने इस पहल के लिए पत्रकार समाज की सराहना की और कहा कि यह अभियान निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
कैंडल मार्च में गोरखपुर के सभी प्रमुख पत्रकार संगठन — मान्यता प्राप्त समिति, गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन और प्रेस क्लब — एक मंच पर नजर आए। समिति अध्यक्ष अरविंद राय ने कहा कि “जब हम खुद नियमों का पालन करेंगे, तो समाज भी प्रेरित होगा।” वहीं, जीजेए अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा पर जागरूकता से ही हादसों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। प्रेस क्लब अध्यक्ष रितेश मिश्रा ने इसे एक शुरुआत बताते हुए कहा कि “इस अभियान को मोहल्लों और विद्यालयों तक ले जाना होगा।”
कर्मचारी संघ अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि सुरक्षित सड़कें ही सुरक्षित जीवन की गारंटी हैं, जबकि समिति मंत्री सतीश पांडेय ने लोगों से जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार मनवर रिजवी ने किया और इसे पत्रकार समाज की संवेदनशील पहल बताया।
मार्च के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में कैंट इंस्पेक्टर संजय सिंह, कलेक्ट्रेट चौकी प्रभारी राजेश यादव, ट्रैफिक उपनिरीक्षक रामवृक्ष यादव और पुलिस बल ने सक्रिय भूमिका निभाई। समापन पर प्रतिभागियों ने महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल पर सड़क सुरक्षा की शपथ ली और संकल्प लिया कि वे नियमों का पालन कर दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
यह कैंडल मार्च केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि “सुरक्षा पहले” के संदेश को समाज तक पहुँचाने का प्रेरक अभियान साबित हुआ।