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गोरखपुर में बच्चों के लिए निःशुल्क नेत्र जांच शिविर

प्रकाशित: 10 Jul 2026

गोरखपुर। बच्चों में मोबाइल, टैबलेट और अन्य डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते उपयोग से आंखों से जुड़ी समस्याओं में लगातार वृद्धि को देखते हुए शहर में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बच्चों की आंखों की समय पर जांच करना, अभिभावकों को जागरूक बनाना तथा दृष्टि संबंधी समस्याओं का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाना रहा।
शिविर का उद्घाटन महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए उनकी आंखों की नियमित जांच आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के स्क्रीन टाइम पर विशेष ध्यान देने और उन्हें डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचाने की अपील की।
शिविर में अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञों ने बच्चों की दृष्टि क्षमता, चश्मे की आवश्यकता, भेंगापन (स्क्विंट), आलसी आंख (लेज़ी आई) सहित अन्य नेत्र रोगों की विस्तृत जांच की। जिन बच्चों में किसी प्रकार की समस्या पाई गई, उन्हें आवश्यक परामर्श एवं आगे के उपचार की सलाह दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार मोबाइल और टैबलेट का उपयोग करने से आंखों में थकान, सूखापन, सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई तथा कम उम्र में चश्मा लगने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। यदि समय रहते इन पर ध्यान न दिया जाए तो बच्चों की पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन न दें। बड़े बच्चों के स्क्रीन समय को भी सीमित रखें और पढ़ाई के दौरान पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करें। उन्होंने '20-20-20 नियम' अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें, जिससे आंखों को आराम मिलता है। साथ ही बच्चों को नियमित रूप से बाहर खेलकूद के लिए प्रेरित करें और समय-समय पर नेत्र परीक्षण अवश्य कराएं।
शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया तथा विशेषज्ञों से आंखों की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।