गोरखपुर: स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का बिल न बनने से बढ़ी परेशानी
गोरखपुर। जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सुगम बिलिंग व्यवस्था का भरोसा दिया गया था, लेकिन हकीकत उलट साबित हो रही है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब चार हजार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का बिजली बिल ही नहीं बन पा रहा है, जिससे उपभोक्ता पिछले कई महीनों से परेशान हैं।
पुराने मीटर का ब्योरा न मिलने से अटका बिलिंग सिस्टम
जानकारी के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर के साथ पुराने मीटर भी लगे थे, उनमें खराब हो चुके पुराने मीटर का ब्योरा दर्ज न होने के कारण दिक्कत आ रही है। बिजली निगम का मीटर डाटा मैनेजमेंट सिस्टम (एमडीएमएस) पुराने मीटर की जानकारी न मिलने पर स्मार्ट मीटर का पूरा डाटा अपलोड नहीं कर पा रहा। नतीजतन, उपभोक्ताओं का मासिक बिल तैयार ही नहीं हो रहा है।
जीनस कंपनी ने बताई वजह
स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी संभाल रही जीनस कंपनी के मैनेजर राकेश सिंह ने बताया कि खराब मीटरों की जानकारी समय से विभाग को दी जा रही है। इन मीटरों को जांच के लिए लैब में भेजा जाता है, लेकिन वहां जगह की कमी और लंबित मामलों की वजह से परेशानी आ रही है। जब तक पुराने मीटर का डाटा अपडेट नहीं हो जाता, तब तक स्मार्ट मीटर की बिलिंग प्रभावित रहेगी।
उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता
बिल न बनने से उपभोक्ता उलझन में हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर बिल न आने से उन्हें एकमुश्त भारी रकम चुकानी पड़ सकती है। वहीं, बिलिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी से पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विभागीय जांच शुरू
ऊर्जा विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि जल्द ही पुराने मीटर का ब्योरा दर्ज कर उपभोक्ताओं को राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।