गोरखपुर विश्वविद्यालय के तीन पुरातन छात्र बने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। विश्वविद्यालय के विधि संकाय के तीन पुरातन छात्र माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर नियुक्त किए गए हैं।
इनमें लक्ष्मीकांत शुक्ल, जिन्होंने वर्ष 1994 में विश्वविद्यालय केंद्र से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की; श्रीमती स्वरूपमा चतुर्वेदी, जिन्होंने 2001 में एलएलएम किया; तथा प्रशांत मिश्रा, जिन्होंने 1995 में सेंट एंड्रयूज कॉलेज, गोरखपुर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की, शामिल हैं।
कुलपति ने दी बधाई
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा—
“यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है कि हमारे पुरातन छात्र न्यायपालिका की सर्वोच्च संस्थाओं में अपनी प्रतिभा और निष्ठा के बल पर प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त कर रहे हैं। यह उपलब्धि विधि संकाय की शैक्षणिक परंपरा, अनुशासन और गुणवत्ता का प्रमाण है। मुझे विश्वास है कि यह सफलता वर्तमान विद्यार्थियों को भी ऊँचे लक्ष्य साधने के लिए प्रेरित करेगी।”
विश्वविद्यालय परिवार की शुभकामनाएँ
विधि संकाय के अधिष्ठाता, शिक्षकगण और विश्वविद्यालय परिवार ने नवनियुक्त न्यायाधीशों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।