गोरखपुर में प्रमुख सचिव अजय सिंह चौहान ने विकास कार्यों की समीक्षा, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पूर्णता के निर्देश
गोरखपुर। प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (लोक निर्माण विभाग) अजय सिंह चौहान ने बुधवार को मंडलायुक्त सभागार में गोरखपुर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के चौमुखी विकास के लिए जो भी निर्माण कार्य चल रहे हैं — जैसे फ्लाईओवर, नाला निर्माण, विरासत गलियारा, गोडधोइया नाला और अन्य परियोजनाएं — उन्हें तय समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को असुविधा न हो। उन्होंने कहा, “विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधाएं देना है, इसलिए कार्य शुरू करने से पहले प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए और उनकी सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।”
उन्होंने विशेष रूप से विरासत गलियारा परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि यह गोरखपुर की पहचान को नई ऊंचाई देने वाली परियोजना है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी।
समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, डीएफओ विकास यादव, एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह, पीडब्ल्यूडी नोडल अधिकारी ए.के. सिंह और जलकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में शहर की सभी विकास योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रमुख सचिव ने कहा कि हर परियोजना में जनसहभागिता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण स्थलों की नियमित निगरानी करें और जहां भी बाधाएं उत्पन्न हों, उनका त्वरित समाधान किया जाए।
अजय सिंह चौहान ने कहा कि गोरखपुर प्रदेश का एक प्रमुख नगर है और यहां की परियोजनाएं राज्य के अन्य जिलों के लिए उदाहरण बन सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय समन्वय और समयबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गोरखपुर को एक आधुनिक, सुंदर और सुलभ शहर के रूप में विकसित किया जाए।