महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय को अब एमबीबीएस की 150 सीटों की मान्यता
गोरखपुर, 10 सितंबर। गोरखपुर के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से एमबीबीएस की 150 सीटों की मान्यता मिल गई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय को स्थापना के केवल चार साल में हासिल हुई है।
विश्वविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले शैक्षिक सत्र 2024-25 में 100 सीटों पर प्रवेश हुआ था। इस बार 50 सीटें और बढ़ने से कुल 150 छात्रों को प्रवेश का अवसर मिलेगा। एनएमसी की जांच में कॉलेज का हॉस्पिटल, फैकल्टी और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर सभी मानकों पर खरा पाया गया। इसके बाद मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के प्रेसिडेंट डॉ. एमके रमेश ने 9 सितंबर को अनुमति पत्र जारी किया।
कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी सौगात है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय लगातार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में कॉलेज का हॉस्पिटल 1800 बेड का अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्र बन जाएगा।
इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अंतर्गत की गई है और इसे गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। वर्तमान में विश्वविद्यालय नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मेसी और आयुर्वेद (बीएएमएस) जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी संचालित कर रहा है।
एमबीबीएस की सीटें बढ़ने से न केवल पूर्वांचल बल्कि पश्चिमी बिहार और नेपाल की तराई तक के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा। वहीं, गोरखपुर-बस्ती-आजमगढ़ मंडल के लोगों को सुपरस्पेशलिटी सुविधाओं वाला हॉस्पिटल और मजबूत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक डॉ. जीएन सिंह तथा महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।