अहर्निश प्रासंगिक हैं युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के विचार
गोरखपुर, 9 सितंबर। गोरक्षपीठ में हर वर्ष गुरुजन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित करने की सनातनी परंपरा इस बार भी जीवंत है। इस वर्ष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं पुण्यतिथि पर 10 सितंबर (बुधवार) को और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि पर 11 सितंबर (गुरुवार) को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में होगा।
महंत दिग्विजयनाथ का जीवन राष्ट्र, धर्म, अध्यात्म, शिक्षा और समाजसेवा के जरिये लोक कल्याण को समर्पित रहा। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राम जन्मभूमि आंदोलन के नींव पत्थर, पूर्वांचल में शिक्षा क्रांति के नायक और हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उनके प्रयासों से महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना हुई, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर आंदोलन से लेकर पूर्वांचल की शिक्षा व्यवस्था को दिशा देने तक, महंत जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप के शिल्पी महंत दिग्विजयनाथ का नाम राष्ट्र व समाजहित में सदैव अमर रहेगा।