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एमजीयूजी में मिशन शक्ति 5.0 के तहत साइबर क्राइम से बचाव पर ऑनलाइन व्याख्यान

प्रकाशित: 15 Oct 2025

गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) के फैलल्टी ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल में राष्ट्रीय सेवा योजना की महंत अवेद्यनाथ इकाई द्वारा मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत साइबर सुरक्षा, डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन सुरक्षा पर विशेष ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और स्टाफ को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता साइबर सेल के अतुल चौबे ने साइबर क्राइम और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई भी कार्य आम नागरिकों द्वारा नहीं किया जा सकता और यह केवल पुलिस या संबंधित अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने चेताया कि वर्तमान समय में अनेक प्रकार के साइबर फ्रॉड हो रहे हैं, जिनमें फेक बैलेंस क्रेडिट मैसेज, सोशल मीडिया हर्रासमेंट, फेक आईडी, फ्रॉड लोन अप्लिकेशन, वर्क फ्रॉम होम स्कैम, कस्टमर कॉल, फेक वेबसाइट, यूपीआई रिक्वेस्ट फ्रॉड, ऑनलाइन खरीदारी फ्रॉड आदि शामिल हैं।

अतुल चौबे ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी नोटिस, कॉल या ऐप के जरिए अचानक जानकारी देने की कोशिश करने वाले लिंक पर बिना पुष्टि के क्लिक न करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल पर तत्काल प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए और केवल आधिकारिक हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

व्याख्यान के दौरान छात्रों और उपस्थित लोगों को शासन द्वारा जारी साइबर सुरक्षा और सहायता हेल्पलाइन नंबर की जानकारी भी दी गई। अतुल चौबे ने बताया कि इन नंबरों के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इसमें डॉ. डीएस अजिथा और डॉ. रोहित कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों को ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल फ्रॉड से बचने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता सबसे बड़ी सुरक्षा है और छात्रों को अपने व्यक्तिगत डेटा और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करनी चाहिए।

इस ऑनलाइन व्याख्यान के माध्यम से एमजीयूजी के छात्र और स्टाफ साइबर क्राइम से बचाव के उपायों के प्रति अधिक जागरूक हुए। कार्यक्रम ने डिजिटल सुरक्षा के महत्व को उजागर किया और बताया कि किस तरह व्यक्तिगत सावधानियों के साथ ऑनलाइन गतिविधियों को सुरक्षित रखा जा सकता है।