गोरखपुर पंचायत चुनाव
गोरखपुर। आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा बदलाव किया है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत अब मतदाता सूची सुधार व नए नाम जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण कार्य आशा कार्यकर्ता व सफाईकर्मियों से नहीं कराए जाएंगे। इनकी जगह अब यह जिम्मेदारी शिक्षा मित्र, पंचायत मित्र और ग्राम सेवकों को सौंपी गई है।
इस संबंध में मंगलवार को तहसील सदर सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें पिपराइच विधानसभा (321) व ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र (323) के सभी सुपरवाइजरों को बुलाया गया था। बैठक की अध्यक्षता एसीएम प्रथम एवं 323 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के एआरओ प्रशांत वर्मा तथा अपर एसडीएम सदर एवं 321 पिपराइच विधानसभा क्षेत्र की एआरओ आरती साहू ने की।
अधिकारियों ने बताया कि पंचायत चुनाव से पहले प्रत्येक ग्राम सभा एवं उसके टोले-मजरों में रहने वाले लोगों के लिए नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं। बैठक में बताया गया कि शिक्षा मित्र, पंचायत मित्र व ग्राम सेवकों को बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) के रूप में नियुक्त किया जाएगा। उन्हें इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक आईडी दी जाएगी और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे मतदाता सूची निर्माण की प्रक्रिया को सही ढंग से अंजाम दे सकें।
इस बदलाव का उद्देश्य मतदाता सूची की प्रक्रिया को अधिक सटीक, पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना है। बैठक में दोनों विधानसभाओं के सुपरवाइजरों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और आयोग के निर्देशों को समझने के लिए सवाल-जवाब किए। अधिकारियों ने सभी को निर्देशित किया कि वे समय से पहले अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए कार्य प्रारंभ करें, ताकि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।
निर्वाचन आयोग के इस निर्णय से न केवल मतदाता सूची की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, बल्कि ग्रामीण प्रशासन में भी पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।