ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने पत्रकारों के हितों को लेकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा
गोरखपुर।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को गोरखपुर सहित उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों को सौंपा गया। ज्ञापन में ग्रामीण पत्रकारों के हितों, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं।
मुख्य मांगें
ज्ञापन में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया—
राज्य मुख्यालय लखनऊ में दारुल सफा या ओसीआर में एसोसिएशन के लिए कार्यालय भवन का आवंटन।
मान्यता प्राप्त ग्रामीण पत्रकारों और उनके परिवार को आयुष्मान भारत योजना का लाभ।
ग्रामीण पत्रकारों को शासन स्तर की बीमा योजना में शामिल करना।
60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकारों को पेंशन सुविधा।
किसी पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से पूर्व जिला पुलिस के राजपत्रित अधिकारी द्वारा अनिवार्य जांच।
राज्य, जिला और तहसील स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एसोसिएशन पदाधिकारियों की नियमित बैठकें।
प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में मृत ग्रामीण पत्रकार के परिजनों को ₹5 लाख की तत्काल सहायता और मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹20 लाख की आर्थिक मदद।
फर्जी और अवैध वसूली करने वाले तथाकथित पत्रकारों की पहचान कर कठोर कार्रवाई।
जिलाध्यक्ष का वक्तव्य
गोरखपुर जनपद के जिलाध्यक्ष डॉ. विपिन शाही ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा—
“ग्रामीण पत्रकार सुदूर अंचलों में आम जनमानस की समस्याओं को उठाते हैं और शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाते हैं। उनकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। सरकार को हमारी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर हमें सम्मान और सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए, ताकि हम निर्भीक होकर अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।”
एकजुटता का प्रदर्शन
ज्ञापन सौंपने के दौरान गोरखपुर जनपद के सभी तहसीलों के तहसील अध्यक्ष अपनी पूरी कमेटी के साथ मौजूद रहे। प्रदेश सचिव जयप्रकाश गोविंद राव के नेतृत्व में पत्रकारों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया और कहा कि ग्रामीण पत्रकार समाज के बीच पुल का काम करते हैं, इसलिए उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।