समय पर धान की बोआई से बढ़ेगी उत्पादकता : डॉ. सुधांशु सिंह
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के कृषि संकाय में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (International Rice Research Institute - IRRI) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह का विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। इस अवसर पर उन्होंने धान उत्पादन की वैज्ञानिक विधियाँ, गुणवत्ता सुधार, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल कृषि तकनीकों के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ. सुधांशु सिंह ने कहा कि पूर्वांचल के किसानों के लिए धान की समय पर बोआई अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसान निश्चित समय सीमा में बोआई करें, तो धान की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने बताया कि उपज में वृद्धि से किसानों की आय में सीधा सुधार होगा और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग समय की मांग है। उन्नत किस्मों का चयन, सटीक पोषण प्रबंधन (Precision Nutrient Management) और डिजिटल कृषि उपकरणों का उपयोग किसानों को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने किसानों को मौसम आधारित सलाह प्रणाली, मिट्टी परीक्षण और जल उपयोग दक्षता जैसी तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता बताई।
डॉ. सिंह ने कहा कि ईरी का उद्देश्य एशियाई देशों में धान उत्पादन को टिकाऊ बनाना और किसानों की आजीविका को सशक्त करना है। भारत के पूर्वी क्षेत्रों, विशेषकर पूर्वांचल में, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए ऐसी तकनीकों पर शोध किया जा रहा है, जो कम पानी और कम लागत में अधिक उत्पादन दे सकें।
व्याख्यान कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों को कृषि अनुसंधान के नए आयामों से जोड़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रसर हों तथा भारत को खाद्य सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।
भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. जी.एन. सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि डॉ. सुधांशु सिंह का व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वविद्यालय में कृषि नवाचार और प्रयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देने पर बल दिया।
स्वागत संबोधन कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. विमल कुमार दूबे ने दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन ममता गुप्ता ने किया। इस अवसर पर डॉ. आयुष कुमार पाठक, डॉ. नवनीत सिंह, डॉ. सच्चिदानंद सिंह, फार्म सहायक सुरेश निषाद तथा कृषि संकाय के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।