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सरस्वती शिशु मंदिर रेल विहार में विद्वत परिषद की वार्षिक समीक्षा बैठक संपन्न

प्रकाशित: 26 May 2026

गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर रेल विहार में शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत द्वारा आयोजित विद्वत परिषद की वार्षिक समीक्षा एवं कार्य योजना बैठक गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम में गोरक्ष प्रांत के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्वत परिषद के प्रमुख आचार्य, शिक्षाविद एवं विद्वतजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक में शिक्षा, संस्कृति, राष्ट्र निर्माण और समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. रिचा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि विद्वत परिषद के विचारों और योजनाओं को केवल विद्यालय स्तर तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। इसे समाज स्तर और प्रांत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्वत परिषद केवल योजनाएं बनाने वाला मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जागरूकता को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण संगठन है। उन्होंने शिक्षकों और विद्वानों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने परिषद के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्वत परिषद का मुख्य उद्देश्य शिक्षा दर्शन को सशक्त बनाना, विचार एवं विमर्श की परंपरा को आगे बढ़ाना, शिक्षकों को उचित मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान करना तथा हमारी राष्ट्रीय निधि और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।
विशिष्ट अतिथि राम सिंह ने कहा कि विद्वत परिषद सदैव समाजहित और राष्ट्रहित में कार्य करता रहा है। उन्होंने भारतीय शिक्षा पद्धति, प्राचीन परंपराओं और विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय ज्ञान प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिषद का योगदान समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने शिक्षकों से नई पीढ़ी को संस्कारयुक्त एवं राष्ट्रभक्त बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं विद्वत परिषद के संयोजक विनोद सिंह राठौर द्वारा अतिथियों के स्वागत, परिचय एवं बैठक की प्रस्तावना के साथ हुई। उन्होंने परिषद की वार्षिक गतिविधियों तथा आगामी कार्य योजनाओं की जानकारी भी साझा की। इस अवसर पर डॉ. आशीष श्रीवास्तव सहित गोरक्ष प्रांत के अंतर्गत संचालित विद्यालयों के प्रमुख आचार्य एवं विद्वतजन उपस्थित रहे। बैठक के अंत में शिक्षा की गुणवत्ता, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्रहित में शिक्षा की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया