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यूजीसी कानून के विरोध में मनोकामना मंदिर परिसर में जनआक्रोश

प्रकाशित: 26 Jan 2026

गाजियाबाद | 25 जनवरी 2026

चिपियाना क्षेत्र स्थित मनोकामना मंदिर परिसर में यूजीसी (UGC) कानून के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

धरना दे रहे लोगों ने आरोप लगाया कि यूजीसी से जुड़ा नया कानून शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा और इससे शिक्षा का निजीकरण बढ़ेगा, जिसका सबसे अधिक असर आम और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ेगा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। धरना शांतिपूर्ण रहा, लेकिन वक्ताओं के तेवर सख्त नजर आए।

यह धरना-प्रदर्शन सर्व सनातनी हिंदू महासभा के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता सपना मिश्रा ने की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष निशिकांत, सचिव लवेश राजपूत, विनय मिश्रा, कोषाध्यक्ष श्याम मिश्रा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

राजपूताना विकास महासभा (पंजीकृत), गौतम बुद्ध नगर के अध्यक्ष ए. चौहान, सदस्य ललित चौहान, संगठन सचिव चेतन चौहान, सचिन, लवेश कुमार, सचिव सुनील राजपूत सहित कई कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। इसके अलावा प्रमोद राघव, श्याम मिश्रा, लक्ष्मी नारायण शर्मा, विमल मिश्रा, आशुतोष, विनय सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

धरने में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महासभा की पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुशीला शर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रतिभा शर्मा, जिला महासचिव मनोज कुमारी, जिला संयोजक डोली शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी कानून वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।