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Hapur News : हरोड़ा गांव में पानी की टंकी निर्माण में बड़ा भ्रष्टाचार : बाल मजदूरी और फर्जी निस्तारण पर उठे सवाल

हापुड़ | 08-Apr-2025 06:55 PM | 11 |
हापुड़
बाल मजदूरी और फर्जी निस्तारण पर उठे सवाल

हरोरा (उत्तर प्रदेश): हरोड़ा गांव में पानी की टंकी निर्माण में बड़ा भ्रष्टाचार, बाल मजदूरी और फर्जी निस्तारण पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद के सिम्भावली ब्लॉक के ग्राम हरोड़ा में सरकार द्वारा जलापूर्ति के लिए बनाई जा रही पानी की टंकी के निर्माण कार्य में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस परियोजना में न केवल घटिया सामग्री का प्रयोग हो रहा है, बल्कि निर्माण कार्य में बाल मजदूरी का भी खुला उल्लंघन किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में कहीं भी वास्तविक निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। ठेकेदारों द्वारा केवल दिखावटी फोटो खींचकर यह दर्शाया जा रहा है कि कार्य प्रगति पर है, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। ये फोटोग्राफ्स IGRS (जन शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर अपलोड कर फर्जी निस्तारण रिपोर्ट दी जा रही हैं। इससे ग्रामीणों का जनसुनवाई ऐप पर से विश्वास उठता जा रहा है और मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई पारदर्शी शिकायत प्रणाली को स्थानीय स्तर पर मज़ाक बना दिया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि जब इस मामले की शिकायत IGRS पर की गई, तो संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) ने शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से कहा कि “हम ही सब देखते हैं, तुम कुछ नहीं कर सकते।” यह रवैया दर्शाता है कि अधिकारी ठेकेदारों को बचाने में लगे हैं और खुद भी भ्रष्टाचार में लिप्त हो सकते हैं।

सबसे गंभीर और चिंता का विषय यह है कि निर्माण स्थल पर बाल मजदूरी के प्रमाण भी सामने आए हैं। उपलब्ध फोटो में साफ देखा जा सकता है कि नाबालिग बच्चों से निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जो कि बाल श्रम अधिनियम के तहत स्पष्ट अपराध है। इससे सरकार की योजनाओं की साख पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है।

इसके पहले भी इस टंकी से जुड़ी परियोजनाओं में कई बार भ्रष्टाचार के मामले उठ चुके हैं। पहले पंप हाउस की घटिया ईंटों की शिकायत हुई थी, जिनमें से कुछ को बाद में हटाया गया। फिर चारदीवारी भरभरा कर गिर गई, जिससे घटिया निर्माण की पोल खुल गई। अब फर्जी निस्तारण और बाल मजदूरी के सबूतों के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है।

ग्रामीणों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अपील की है, ताकि गांव में पारदर्शिता, न्याय और कानून का शासन बहाल हो सके।

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