हापुड़ में अवैध खनन पर प्रशासन की सख़्ती,
उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में इन दिनों अवैध खनन का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। कोहरे की आड़ में सक्रिय हुए खनन माफियाओं ने जिले में लंबे समय तक खुलेआम अवैध खनन को अंजाम दिया। हालांकि, जिलाधिकारी अभिषेक पांडे द्वारा खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया है और जिले की प्रत्येक तहसील में अवैध खनन के खिलाफ तथाकथित “सर्जिकल स्ट्राइक” की जा रही है।
प्रशासन के निर्देशों के तहत अवैध खनन में लिप्त पाए जाने वाले वाहनों, मशीनों और अन्य संसाधनों को सीज करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की बात भी कही गई है। इन सख्त कदमों के चलते खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है और वे बेचैन नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, इससे पहले खनन माफिया दिन के उजाले में भी बिना किसी अनुमति के अपने काम को अंजाम दे रहे थे। नियमों को ताक पर रखकर नदियों और खाली पड़ी जमीनों से अवैध रूप से खनिज निकाला जा रहा था। इससे न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही थी।
जिलाधिकारी अभिषेक पांडे का स्पष्ट कहना है कि जिले में किसी भी हाल में अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और खनन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की गतिविधियों को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।
हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। हापुड़ जिले में अब भी अवैध खनन माफियाओं के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं। आरोप है कि दिनदहाड़े अवैध खनन का कारोबार जारी है और माफियाओं को न तो पुलिस बल का खौफ है और न ही प्रशासन या खनन विभाग का।
ताजा मामला हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के इंद्रगड़ी फाटक के पास का बताया जा रहा है, जहां खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस अवैध खनन को अंजाम देने वाला व्यक्ति आदिल बताया जा रहा है, जो पटना मुरादपुर का रहने वाला है।
अब सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन सख्ती के दावे कर रहा है, तो फिर अवैध खनन कैसे जारी है। जरूरत है कि जिला प्रशासन और पुलिस मिलकर मौके पर ठोस कार्रवाई करे, ताकि अवैध खनन पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके और कानून का डर माफियाओं में साफ दिखाई दे।