विश्व हिन्दू महासंघ हापुड़ ने दिया जिलाधिकारी को समर्थन
हापुड़, — जनपद हापुड़ में कार्यरत जिलाधिकारी श्री अभिषेक पांडे के समर्थन में आज विश्व हिंदू महासंघ हापुड़ ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। महासंघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सदर उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए, हाल ही में लेखपाल की आत्महत्या के मामले में जिलाधिकारी पर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताया।
ज्ञापन में कहा गया कि लेखपाल की दुर्भाग्यपूर्ण आत्महत्या अत्यंत दुखद है और महासंघ मृतक के प्रति संवेदना व्यक्त करता है, लेकिन इसके नाम पर जिलाधिकारी जैसे ईमानदार, निस्वार्थ और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाने वाले अधिकारी पर आरोप लगाना गलत है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि श्री पांडे जी ने अपने कार्यकाल में भ्रष्ट तंत्र पर लगातार सख्त कार्यवाही की है, जिससे कई लोगों की नींद हराम हो गई है।
ज्ञापन में जताई चिंता
विश्व हिंदू महासंघ का कहना है कि कुछ लोग भ्रष्टाचार बंद होने की आशंका से परेशान होकर जिलाधिकारी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोग नहीं चाहते कि जिले में पारदर्शी प्रशासन हो, और इसलिए वे ईमानदार अफसर के स्थानांतरण की मांग उठा रहे हैं। महासंघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे ऐसे अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई करें और श्री पांडे जी को जनपद में बनाए रखें ताकि जनहित में चल रही पारदर्शी और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था बनी रहे।
ईमानदार अधिकारी के साथ खड़ा है महासंघ
महासंघ ने दो टूक कहा कि जिलाधिकारी श्री अभिषेक पांडे जनता के लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं और उनके प्रयासों से जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता और कार्यवाही में तेजी आई है। इस वजह से आम जनता में भरोसा बढ़ा है। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे अधिकारियों का मनोबल तोड़ा गया, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बल्कि जनहित के लिए भी नुकसानदायक होगा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रमुख पदाधिकारी
इस मौके पर विश्व हिंदू महासंघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से प्रदेश मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष (गोरक्षा प्रकोष्ठ) श्री सुखपाल सिंह, चौधरी अजीत सिंह, चंद्रशेखर बाबूजी, अमरीश सिंह, विकास शर्मा, संजय शर्मा और जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा शामिल थे। इनके साथ दर्जनों कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने जिलाधिकारी के समर्थन में जोरदार तरीके से अपनी बात रखी।