साइबर क्राइम पर नकेल कसने की तैयारी: CO मंझनपुर ने साइबर कैफे संचालकों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक
कौशाम्बी :
जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर नकेल कसने और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से, आज क्षेत्राधिकारी (CO) मंझनपुर द्वारा थाना करारी परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित सभी साइबर कैफे संचालक मौजूद रहे।
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💻 बैठक में दिए गए मुख्य दिशा-निर्देश एवं जानकारी:
🔹 साइबर अपराधों से बचाव:
CO मंझनपुर ने कहा कि साइबर कैफे संचालक अपने ग्राहकों को फिशिंग, ओटीपी शेयरिंग, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने जैसी गलतियों से बचने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यह हर संचालक की जिम्मेदारी है कि उसके माध्यम से कोई अपराध न हो।
🔹 ऑनलाइन ठगी के तरीके:
अधिकारियों ने लॉटरी स्कैम, जॉब फ्रॉड, केवाईसी अपडेट फ्रॉड, बैंक कॉल फ्रॉड जैसे बढ़ते ऑनलाइन अपराधों के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी।
संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे खुद भी सतर्क रहें और अपने ग्राहकों को साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय बताएं।
🔹 IGRS पोर्टल की जानकारी:
बैठक में IGRS (Integrated Grievance Redressal System) पोर्टल की कार्यप्रणाली समझाई गई।
CO मंझनपुर ने कहा कि यह प्लेटफ़ॉर्म नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कैफे संचालकों से आग्रह किया कि वे लोगों को सरकारी शिकायत निवारण पोर्टल का सही उपयोग सिखाएं।
📢 CO मंझनपुर का संदेश:
> “साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए हमें तकनीकी रूप से जागरूक होना होगा।
हर नागरिक और हर संचालक इस मिशन का हिस्सा बने — तभी साइबर क्राइम पर लगाम लगाई जा सकती है।”
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🔒 बैठक का निष्कर्ष:
यह बैठक साइबर अपराध नियंत्रण और जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुई। प्रशासन की इस पहल से उम्मीद है कि जिले में साइबर फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी और नागरिक डिजिटल रूप से अधिक सुरक्षित होंगे।