खुलेआम बिक रहा "नकली कृषि माल", अजय सोनी ने दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी
कौशांबी: समर्थ किसान पार्टी के नेता एवं जिला पंचायत सदस्य अजय सोनी ने जिले में नकली खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं की खुलेआम बिक्री पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और जिला प्रशासन तथा कृषि विभाग के अधिकारियों से इन विक्रेताओं पर समुचित और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनके मुताबिक, पूरे क्षेत्र में यह अवैध गोरखधंधा तेजी से फैल रहा है, जिससे किसान न केवल लूटे जा रहे हैं बल्कि उनकी फसलों और खेतों को भी भारी नुकसान हो रहा है।
बुधवार को अजय सोनी ने सिराथू ब्लॉक के जगन्नाथपुर, उदहिन खुर्द, कलुआपुर, बंबूपुर, कुंडावल, घाटमपुर सहित कई गांवों का व्यापक भ्रमण किया और सीधे किसानों से बात की। बातचीत के दौरान, किसानों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि क्षेत्र की कई प्राइवेट दुकानों में नकली खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं की बिक्री धड़ल्ले से जारी है।
किसानों का स्पष्ट आरोप था कि कुछ कृषि वस्तु विक्रेता जानबूझकर नकली कृषि माल बेचकर उन्हें बेवकूफ बना रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी फसलों की पैदावार और खेतों की उर्वरकता पर पड़ रहा है।
आलू के बीज में भी हीलाहवाली का आरोप:
कई किसानों ने इस दौरान आलू के बीज की समस्या भी उठाई। उनका कहना था कि आलू के उन्नतशील बीजों के वितरण में उद्यान विभाग अक्सर हीलाहवाली करता है। इस मजबूरी का फायदा उठाकर किसानों को प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर आलू के बीज खरीदने पड़ते हैं, जहां अक्सर नकली और कम उत्पादन क्षमता वाले बीज थमा दिए जाते हैं। अन्य फसलों के बीजों और कम गुणवत्ता वाली उर्वरकों (खाद) की बिक्री का हाल भी ऐसा ही है, जिसपर तत्काल अंकुश लगाने की आवश्यकता है।
कार्रवाई न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी
इस मौके पर अजय सोनी ने जोर देकर कहा कि पूरे क्षेत्र में यह गोरखधंधा जारी है और किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन कौशांबी और कृषि विभाग के अधिकारियों से अपील की है कि वे तत्काल ऐसे भ्रष्ट कृषि दुकानदारों को चिन्हित करें और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो समर्थ किसान पार्टी धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी।
इस दौरान उनके साथ इंद्र कुमार सिंह, गोलू सिंह, रणविजय सिंह, आदित्य सिंह, अरविंद सोनी, जग नारायण सिंह, सुरेंद्र सिंह, चरण सिंह आदि भी मौजूद रहे।