PHM NEWS

अलौली के वेनहर गांव में असंग देव महाराज के श्रीमुख से दो दिवसीय सत्संग का शुभारंभ

प्रकाशित: 20 Mar 2026

खगड़िया: जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत दहमा खैरी खुटहा पंचायत के बेनहर ग्राम में मंगलवार को परम पूज्य गुरुदेव असंग देव महाराज जी के श्रीमुख से दो दिवसीय सत्संग का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। सत्संग आरंभ होने से पूर्व मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित युवा शक्ति के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी और अलौली के प्रखंड प्रमुख नवीन कुमार ने गुरुदेव असंग देव महाराज को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। सत्संग कार्यक्रम में आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भक्तगण एवं ग्रामीण उपस्थित होकर गुरुदेव के दिव्य वचनों का श्रवण किया। पूरा क्षेत्र भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का आरंभ विधिवत मंगलाचरण और गुरु वंदना के साथ किया गया। इसके बाद गुरुदेव असंग देव महाराज ने अपने प्रवचन में मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य, गुरु के महत्व और सही मार्ग पर चलने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसका सही उपयोग तभी संभव है जब व्यक्ति गुरु के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को संयम, सेवा और सदाचार से जोड़ता है। गुरुदेव ने कहा कि आज के समय में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में अपने मूल उद्देश्य को भूलता जा रहा है। धन, पद और प्रतिष्ठा की लालसा में लोग मानसिक शांति खो बैठे हैं। ऐसे समय में सत्संग और गुरु का सान्निध्य ही मनुष्य को सही दिशा दिखाता है। उन्होंने बताया कि सत्संग वह माध्यम है जहां से व्यक्ति को जीवन जीने की सच्ची कला सीखने को मिलती है। वहीं अपने संबोधन में युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु केवल धार्मिक उपदेश देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन के मार्गदर्शक होते हैं। गुरु शिष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। जिस व्यक्ति को सच्चे गुरु का सान्निध्य प्राप्त हो जाता है, उसका जीवन स्वतः हीं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने लगता है। उन्होंने ने कहा कि जीवन में संयम, अनुशासन और सेवा भाव अत्यंत आवश्यक है। जब मनुष्य अपने भीतर विनम्रता, करुणा और प्रेम को विकसित करता है, तभी समाज में शांति और सौहार्द की स्थापना होती है। प्रखंड प्रमुख नवीन कुमार ने कहा कि आज समाज में बढ़ती आपसी दूरियां, तनाव और अशांति का कारण आध्यात्मिक मूल्यों से दूरी है। यदि लोग सत्संग और अध्यात्म की ओर लौटें तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
सत्संग के दौरान गुरुदेव ने जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में धैर्य और विवेक से काम लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियां मनुष्य की परीक्षा लेती हैं, लेकिन जो व्यक्ति गुरु के मार्गदर्शन में धैर्य बनाए रखता है, वह हर चुनौती को पार कर लेता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में सत्य, अहिंसा और सेवा के सिद्धांतों को अपनाएं। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक गीतों की भी प्रस्तुति की गई, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति भाव से गुरु के प्रवचनों को सुनते रहे और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि गुरुदेव के प्रवचन से उन्हें मानसिक शांति और जीवन के प्रति नई प्रेरणा मिलती है। गांव के बुजुर्गों और ग्रामीणों ने बताया कि इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम से समाज में सकारात्मक वातावरण बनता है और लोगों के भीतर नैतिक मूल्यों का विकास होता है। पुनः गुरुदेव असंग देव ने कहा कि आज के समय में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब ऐसे सत्संग कार्यक्रम लोगों को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।
सत्संग में आए श्रद्धालुओं ने गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुदेव असंग देव महाराज के प्रवचन जीवन को सरल, संतुलित और सकारात्मक बनाने की प्रेरणा देते हैं। उनके शब्दों में इतनी शक्ति है कि श्रोता अपने जीवन के कई सवालों का उत्तर स्वयं पा लेते हैं। कार्यक्रम के आयोजक नागो यादव, जयप्रकाश चौधरी, रामाकांत चौधरी, कमलदेव चौधरी, रंजीत कुमार, अवधेश कुमार, रवि कुमार, ध्रुव चौधरी, रामप्रकाश यादव, रामबालक शर्मा, रामरतन चौधरी, अशोक चौधरी, पुलिस साह इत्यादि ने कहा कि यह दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम बुधवार तक चलेगा, जिसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सत्संग स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, प्रसाद वितरण और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों द्वारा सक्रिय सहयोग किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार दूसरे दिन भी गुरुदेव असंग देव महाराज द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन दिया जाएगा, जिसमें गुरु ज्ञान, आत्मचिंतन, मानव जीवन का महत्व और समाज में सद्भावना की स्थापना जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही भजन-कीर्तन और सत्संग के अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
सत्संग में शामिल होने के लिए आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम से लोगों के मन में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है और समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव का संदेश फैलता है। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला। लोग भक्ति भाव से गुरु के वचनों को सुनते हुए अपने जीवन को बेहतर बनाने का संकल्प लेते नजर आए। इस सत्संग ने बेनहर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का वातावरण बना दिया है।