सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की भावना मानसिकता दुर्भावना से प्रेरित व तानाशाही
अलौली। देश बचाओ अभियान एवं बुद्धिजीवी नागरिक मंच के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का गलत तरीके से गिरफ्तारी करने की घोर निंदा किया है।
श्री यादव ने कहा कि सरकार पप्पू यादव के जनहित की गतिविधियां व विपक्ष की भूमिका से सरकार डर गई है और बदले की भावना की तानाशाही तरीके से राजनीति कर रही है।
श्री यादव ने कहा कि बिहार की एनडीए सरकार ने पूर्णिया के लोकप्रिय जननेता पप्पू यादव जी को रात के अंधेरे में गिरफ्तार करके यह साबित कर दिया है कि वह जनता की आवाज से कितनी बुरी तरह डरी हुई है। यह गिरफ्तारी कानून का पालन नहीं, बल्कि डर, दमन और बदले की राजनीति का साजिश है!
सत्ता का अहंकार और संवेदनहीनता,
आधी रात की कायराना हरकत,जो सरकार जनता के सवालों का जवाब नहीं दे पाती, वहीं आधी रात को जननेताओं को घर से उठाने का कायरतापूर्ण काम करती है। क्या यही है सुशासन और विश्व गुरु की भूमिका?
पप्पू यादव जी की खराब सेहत के बावजूद उनके साथ इस तरह का व्यवहार सत्ता की मानसिक, दिवालियापन और संवेदनहीनता और राजनीतिक साज़िश से प्रेरित कार्रवाई उजागर होता है।
जनता की आवाज को दबाने की कोशिश: पूर्णिया की जनता ने जिसे अपना प्यार और विश्वास दिया, उसे सलाखों के पीछे डालकर मोदी सम्राट नीतीश की सरकार जनता के जनादेश का अपमान कर रहे हैं।
"जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।"
यह कानून का राज नहीं, बल्कि तानाशाही की पराकाष्ठा है। सत्ता के मद में चूर लोग यह भूल गए हैं कि जेल की दीवारें जननेताओं के हौसलों को नहीं रोक सकतीं। बिहार की जागरूक जनता इस अन्याय को देख भी रही है और समझ भी रही है..
इस दमनकारी नीति का जवाब जनता समय आने पर देगी। संघर्ष की यह मशाल अब बुझेगी नहीं, बल्कि और तेज़ होगी! जितना स्प्रिंग को दबायेगा उतना स्प्रिंग जंप करेगा।
मिशन सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता किरण देव यादव ने सांसद पप्पू यादव के साथ हो रही सरकारी प्रशासनिक न्यायिक दमनकारी नीति के खिलाफ सड़क पर संघर्ष तेज करने का अपील किया तथा मसाल जुलूस एवं पुतला दहन तथा बिहार बंद आंदोलन किया जाय।