आज महिलाऐ यदि मंत्र का उच्चारण कर रही है तो यह महर्षि दयानंद की देन है = डॉक्टर रिचा
महर्षि दयानंद सरस्वती के निर्माण दिवस की पूर्व संध्या पर दयानंद योग आश्रम विद्याधर खगड़िया में कार्यक्रम आयोजित किया गया इस मौके पर हवन यज्ञ का भी आयोजन हुआ
इस अवसर पर समस्तीपुर से आये आचार्य डॉक्टर रामनारायण शास्त्री ने महर्षि दयानंद सरस्वती के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला । भारतीय समाज में उनके योगदान को रेखांकित किया शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों में अविश्वसमरणीय बताया । इस मौके पर खगड़िया आर्य समाज के धर्मेंद्र शास्त्री वंदना कुमारी जी मौजूद रही आचार्य डॉक्टर रामनारायण शास्त्री ने कहा महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती का जीवन समरस्ता का प्रतीक है उन्होंने बाल विवाह , छुआछूत , अंधविश्वास , पाखंड यदि पर जमकर प्रहार किया ।
वैदिक सिद्धांतों को भारतीय समाज में संजीवनी देने का काम किया ।आर्य समाज की स्थापना करके पूरे विश्व को वेदों की ओर लौटों का संदेश दिया । आज समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर रिचा योगमयी ने कहा कि आज महिलाएं जो मंत्र उच्चारण या यज्ञ को यदि को संपन्न कर रही है वह महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की देन है । महर्षि दयानंद सरस्वती ने विधवा विवाह ,महिलाओं की शिक्षा समाज में समरसता लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया ।
आर्य समाज खगड़िया की उप प्रधान गीता देवी ने महर्षि दयानंद पर सुंदर भजन गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध दिया ।
इस मौके पर महर्षि दयानंद सरस्वती रचित सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली पुस्तक " सत्यार्थ प्रकाश "पर भी विस्तार से चर्चा की गई
इस अवसर पर आर्य समाज खगडिया के मंत्री अरुण स्वर्णकार में आर्य समाज प्रांगण में अवाला के पौधे लगाए । कार्यक्रम रेणु देवी , गीता देवी ,निर्मल ज्ञानमयी , विजय कुमार ,यदि सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद थे