मुरैना के करह धाम पर सिय-पिय मिलन का भव्य आयोजन
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल करह धाम में सिय-पिय मिलन का पावन एवं भव्य आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारम्भ हुआ। करह धाम पटिया वाले बाबा का पवित्र स्थान, जो मुरैना जिले के बीहड़ों में स्थित है। जहां कभी हिंसक जानवरों की गर्जन और डकैतों की बंदूकें गूंजा करती थीं, वहां आज भक्तिभाव की लहरें हृदय को छू जाती हैं।करह धाम मुरैना शहर से 20 किलोमीटर और ग्वालियर से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान ग्वालियर-मुरैना हाइवे पर मौजूद है। चंबल के बीहड़ों के बीच बसा यह स्थान न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि एक तपोभूमि भी है, जहां अनेक धर्मात्माओं ने अपनी साधना की है। पटिया वाले बाबा ने इस स्थान को अपनी उपस्थिति और चमत्कारों से पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध कर दिया।करह धाम से जुड़ी कई मान्यताएं यहां के जल के चमत्कारी गुणों को उजागर करती हैं। इस स्थल पर एक कुआं है, जिसके जल को स्पर्श करने मात्र से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं, ऐसा भक्तों का विश्वास है। खासकर, यह माना जाता है कि कुत्ते के काटे गए व्यक्ति अगर यहां स्नान कर ले, तो उसकी पीड़ा समाप्त हो जाती है। कुएं को ढंककर इसके चारों कोनों पर चार हैंडपंप लगाए गए हैं, ताकि भक्त आसानी से इस चमत्कारी जल का लाभ उठा सकें।करह धाम धनेला गांव के पास स्थित है। यहां पटिया वाले बाबा की मूर्ति के समीप रामनाम का कीर्तन पिछले 50 वर्षों से अनवरत चलता आ रहा है। इस मंदिर में हर सुबह और शाम प्रसाद वितरण होता है। लेकिन सबसे प्रसिद्ध है यहां लगने वाला "सियापिया का मेला," जो हर साल माघ पूर्णिमा से फाल्गुन नवमी तक आयोजित होता है।यह आयोजन, जो 2 फरवरी से 9 फरवरी तक चलेगा, अपने आप में एक बहुत बड़ा आयोजन है। इस अवसर पर भगवान श्रीराम और माता सीता के पुनर्मिलन की दिव्य झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे देखने के लिए दूर- दूरसे हजारों श्रद्धालु पहुंचे।कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण करह धाम परिसर राम नाम के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक वातावरण से भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन में भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।करह धाम, पटिया वाले बाबा का यह स्थान, न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए अद्वितीय आस्था का केंद्र भी है। अगर आप चंबल की यात्रा पर हैं, तो इस तपोभूमि का दर्शन अवश्य करें।करह धाम पर आई दर्शनार्थी खुशी गुर्जर कृष्णा गुर्जर लक्ष्मी गुर्जर नंदिनी कुशवाह और भूमि तोमर ने बताया कि हम पिछले 10 वर्षों से लगातार पटिया वाले बाबा पर आ रहे हैं