भारत में पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपये का टैक्स बढ़ा
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने एक अहम आर्थिक निर्णय लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह जानकारी सरकारी गजट नोटिफिकेशन के जरिए दी गई है, जिससे आने वाले दिनों में ईंधन की खुदरा कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
आम आदमी की जेब पर सीधा असरउत्पाद शुल्क में इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है। यदि तेल विपणन कंपनियां इस अतिरिक्त शुल्क का भार ग्राहकों पर डालती हैं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। पहले से ही महंगाई के दबाव में चल रहे आम नागरिकों के लिए यह निर्णय एक नई चुनौती लेकर आ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट, फिर भी टैक्स में इजाफागौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 15% की गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा समय में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 63.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुकी है। ऐसे में केंद्र सरकार के इस फैसले पर सवाल उठना लाज़मी है।
सरकारी राजस्व बढ़ाने की रणनीतिसरकार का यह फैसला राजस्व संग्रह बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट से तेल कंपनियों को अधिक लाभ हो रहा था, सरकार ने इस मौके को भुनाकर अपने खजाने को भरने का विकल्प चुना है। यह कदम वित्तीय घाटा कम करने और बजट प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तेल कंपनियों के फैसले पर टिकी निगाहेंअब सबकी निगाहें भारत पेट्रोलियम (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और रिलायंस जैसे निजी खिलाड़ियों पर टिकी हैं कि वे इस अतिरिक्त शुल्क का कितना भार उपभोक्ताओं पर डालते हैं। अगर कंपनियां खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी करती हैं तो देशभर में पेट्रोल-डीजल की दरों में इजाफा तय है।
निष्कर्षयह मूल्यवृद्धि ऐसे समय में आई है जब उपभोक्ता वैश्विक बाजार की नरमी के चलते राहत की उम्मीद कर रहे थे। अब देखना होगा कि यह निर्णय देश की अर्थव्यवस्था और आमजन की आर्थिक स्थिति को किस तरह प्रभावित करता है।