बिजली कर्मियों का निजीकरण के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, आंदोलन के 250 दिन पूरे होने पर जताया आक्रोशगोरखपुर, 5 अगस्त 2025निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों का आंदोलन आज 250वें दिन में प्रवेश कर गया। इस ...
बिजली कर्मियों का निजीकरण के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, आंदोलन के 250 दिन पूरे होने पर जताया आक्रोश
गोरखपुर, 5 अगस्त 2025
निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों का आंदोलन आज 250वें दिन में प्रवेश कर गया। इस अवसर पर प्रदेशभर के बिजली कर्मियों, संविदा कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने व्यापक विरोध प्रदर्शन कर सरकार और ऊर्जा प्रबंधन के प्रति अपना आक्रोश प्रकट किया। गोरखपुर में भारी बारिश के बीच भी मुख्य अभियंता कार्यालय मोहद्दीपुर में प्रदर्शन जारी रहा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने ऐलान किया कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाता और उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां समाप्त नहीं की जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शीर्ष प्रबंधन की निजी कंपनियों के साथ मिलीभगत है, और निजीकरण में देरी से हताश प्रबंधन कर्मियों का उत्पीड़न कर रहा है।
संघर्ष समिति की प्रमुख मांगे:
मार्च 2023 की हड़ताल के बाद ऊर्जा मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत समस्त उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को वापस लिया जाए।
55 वर्ष की उम्र या डाउन साइजिंग के नाम पर हटाए गए संविदा कर्मियों को पुनः बहाल किया जाए।
स्थानांतरण (ट्रांसफर) जैसी प्रताड़नात्मक कार्रवाइयों को निरस्त किया जाए।
फेसियल अटेंडेंस प्रणाली के तहत जून-जुलाई 2025 का रोका गया वेतन तत्काल जारी किया जाए।
स्टेट विजिलेंस द्वारा की गई फर्जी FIR वापस ली जाए।
स्मार्ट मीटर लगाने की जबरदस्ती पर तत्काल रोक लगाई जाए।
गोरखपुर में आंदोलन का नेतृत्व इं. पुष्पेन्द्र सिंह, इं. जीवेश नन्दन, इं. जितेन्द्र कुमार गुप्त सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और सरकार को जल्द समाधान निकालना होगा।
प्रदेश के कई ज़िलों—जैसे वाराणसी, मेरठ, कानपुर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, झांसी, नोएडा, बरेली, गाजियाबाद आदि—में भी बड़ी संख्या में बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन किया।