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आनंदनगर दक्षिणी बाईपास पर ओवरलोड ट्रक का आतंक, सर्विस रोड पर फंसा ट्रक बना जाम और हादसों का कारण

प्रकाशित: 17 Jan 2026

आनंदनगर दक्षिणी बाईपास के सर्विस रोड पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक भारी ओवरलोड ट्रक सड़क पर फंस गया। ट्रक के फंसते ही सर्विस रोड पर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों, दोपहिया चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। संकरी सर्विस रोड पर घंटों तक आवागमन बाधित रहा और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रही।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। आनंदनगर क्षेत्र में आए दिन ओवरलोड ट्रक फर्राटे भरते दिखाई देते हैं। नियमों को ताक पर रखकर ट्रक चालक बिना किसी डर के भारी मात्रा में माल लादकर सड़कों पर निकलते हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर ट्रक चालक और मालिकों में इतनी हिम्मत कहां से आ रही है? क्या उन्हें पुलिस और ट्रैफिक प्रशासन का कोई भय नहीं है?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फंसा हुआ ट्रक इतना अधिक लदा था कि उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सर्विस रोड पर आगे नहीं बढ़ सका। ट्रक के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई लोग तो वैकल्पिक रास्तों से निकलने को मजबूर हुए, जिससे अन्य सड़कों पर भी अव्यवस्था फैल गई।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि ओवरलोडिंग खुलेआम हो रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। यदि समय रहते ट्रैफिक पुलिस सक्रिय होती और ओवरलोड वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई करती, तो ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती।

सबसे बड़ा सवाल भ्रष्टाचार को लेकर उठ रहा है। लोगों का कहना है कि बिना मिलीभगत के ओवरलोड ट्रकों का इस तरह सड़कों पर दौड़ना संभव नहीं है। आखिर कब तक नियमों की धज्जियां उड़ती रहेंगी और आम जनता इसकी कीमत चुकाती रहेगी? सड़कें टूट रही हैं, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि आनंदनगर दक्षिणी बाईपास और आसपास के क्षेत्रों में ओवरलोड ट्रकों पर तत्काल रोक लगाई जाए। नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए, दोषी ट्रक चालकों और मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। जब तक प्रशासन ईमानदारी से कदम नहीं उठाएगा, तब तक ऐसे हालात बार-बार सामने आते रहेंगे।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस घटना से सबक लेता है या फिर एक और खबर बनकर यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।