PHM NEWS

देवरिया - बंजर भूमि पर फर्जी मजार/कब्रिस्तान इंद्राज निरस्त, कोर्ट का बड़ा आदेश ।

प्रकाशित: 22 Nov 2025

देवरिया - बंजर भूमि पर फर्जी मजार/कब्रिस्तान इंद्राज निरस्त, कोर्ट का बड़ा आदेश ।

देवरिया: जिले में वर्षों से विवादों में घिरा मेहड़ा नगर, तप्पा धतुरा स्थित कथित वक्फ मजार/कब्रिस्तान प्रकरण पर आखिरकार बड़ा प्रशासनिक फैसला आ गया है। एएसडीएम कोर्ट ने 19 नवंबर 2025 को सुनाया गया एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राजस्व अभिलेखों में दर्ज मजार और कब्रिस्तान के फर्जी इंद्राज को निरस्त कर दिया है। साथ ही खतौनी 1399 फसली में दर्ज बंजर भूमि को पुनः बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह मामला गोरखपुर रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज से सटे उस भूमि से जुड़ा है, जिसका खाता संख्या 3, आराजी 1647/2मि. तथा रकबा 0.124 हेक्टेयर है। यह भूमि मूल रूप से बंजर श्रेणी की थी, लेकिन वर्ष 1993 में उप वक्फ आयुक्त कार्यालय से जारी एक संदिग्ध परवाना (वाद संख्या 25 वक्फ 23, दिनांक 19 जून 1992) के आधार पर इसे मजार/कब्रिस्तान के रूप में दर्ज कर दिया गया था। तहसील प्रशासन द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह प्रविष्टि पूर्ण रूप से कूटरचित पाई गई।

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता जयदीप गुप्ता द्वारा दाखिल अभिलेख दुरुस्ती वाद की दो महीने चली सुनवाई के बाद एएसडीएम अवधेश कुमार निगम ने ऐतिहासिक आदेश पारित करते हुए स्पष्ट कहा कि— फर्जी इंद्राज को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और बंजर भूमि को यथास्थिति में कायम किया जाए। साथ ही इस कूटरचित परवाने और इंद्राज में शामिल कर्मचारियों व संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

पूरा मामला उस समय तेजी से सामने आया जब सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की और अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण की मांग उठाई। इससे पहले भी, वर्षों पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक स्वर्गीय रामनगीना यादव ने इस मजार की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। विरोध के दौरान उनकी हत्या हो गई थी, जिसके कारण यह प्रकरण अत्यंत संवेदनशील बन गया था।

कोर्ट के आदेश के बाद अब राजस्व विभाग आरोपियों की पहचान करने एवं आगे की कार्रवाई की दिशा में सक्रिय हो गया है। भूमि को पुनः सरकारी अभिलेखों में बंजर श्रेणी में दर्ज किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए इंद्राजों पर यह कार्रवाई एक बड़ा और मिसाल कायम करने वाला कदम है।

देवरिया में लंबे समय से विवादित इस मामले को लेकर जनता में भी मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, पुलिस और राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोर्ट के आदेश का पूर्ण पालन किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

इस फैसले को जिले में अवैध कब्जों और कूटरचित प्रविष्टियों पर की गई सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।