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देवरिया में गैस संकट गहराया:

प्रकाशित: 10 Mar 2026

देवरिया में गैस संकट गहराया: भोर तीन बजे से लग रही लंबी लाइनें, 5–6 दिन बाद मिल रहा सिलेंडर


देवरिया। जिले में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए भोर तीन से चार बजे से ही एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। जिले के लगभग सभी गैस एजेंसियों पर यही नजारा देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर तो लोगों को पांच से छह दिन बाद गैस सिलेंडर मिल पा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


जानकारी के अनुसार देवरिया शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक गैस की आपूर्ति अनियमित हो गई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की बुकिंग करने के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं हो रही है। लोग जब एजेंसियों पर पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि स्टॉक सीमित है या अभी ट्रक नहीं आया है। ऐसे में लोग सुबह अंधेरे में ही लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं ताकि किसी तरह उन्हें सिलेंडर मिल सके।


मंगलवार की सुबह शहर की कई गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। महिलाओं, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग के लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई लोग अपने घर के कामकाज छोड़कर सुबह-सुबह लाइन में लगने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि जब तक एजेंसी खुलती है, तब तक लाइन सैकड़ों मीटर तक पहुंच जाती है। स्थानीय निवासी रामकुमार यादव ने बताया कि उन्होंने पांच दिन पहले गैस बुक कराई थी, लेकिन अभी तक डिलीवरी नहीं हुई। मजबूर होकर उन्हें खुद एजेंसी आकर लाइन में लगना पड़ा। वहीं सुनीता देवी ने बताया कि सुबह चार बजे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन अब तक नंबर नहीं आया है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों के साथ घर का खाना बनाना मुश्किल हो गया है।


ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ गई है। गांवों से लोग कई किलोमीटर दूर शहर की एजेंसियों पर आकर लाइन लगा रहे हैं। कई बार गैस खत्म होने के कारण उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियों द्वारा सही जानकारी नहीं दी जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय पर और पर्याप्त मात्रा में गैस की आपूर्ति हो, तो इस तरह की अव्यवस्था से बचा जा सकता है। वहीं इस मामले में गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि आपूर्ति में देरी होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। उनका कहना है कि जैसे ही गैस की गाड़ियां पहुंचती हैं, उपभोक्ताओं को सिलेंडर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।


हालांकि लगातार बढ़ती परेशानी के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम उठाए जाने की खबर नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। जिले के उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि लोगों को रोजमर्रा के जीवन में इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।