सही देखभाल और प्रबंधन से हाथीपांव
देवरिया, फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत पथरदेवा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दुलारपट्टी में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) डॉ. प्रभात रंजन ने की। इस अवसर पर सीएचओ के नेतृत्व में पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म (पीएसपी) का गठन किया गया।
पीएसपी के माध्यम से फाइलेरिया (हाथीपांव) से पीड़ित मरीजों को रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण (एमएमडीपी) का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई, जिसमें साबुन, तौलिया, एंटीसेप्टिक और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थीं, ताकि वे घर पर ही प्रभावित अंगों की साफ-सफाई और देखभाल कर सकें। कार्यक्रम के दौरान दस मरीजों को किट प्रदान की गई।
डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि फाइलेरिया प्रभावित अंग की नियमित सफाई, सही देखभाल और व्यायाम से हाथीपांव की समस्या में काफी राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी क्यूलेक्स मच्छर के माध्यम से फैलती है और इसके लक्षण 5 से 15 वर्षों में सामने आते हैं। समय रहते पहचान और उपचार से इस बीमारी को रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि साल में एक बार लगातार पांच वर्षों तक दवा सेवन से फाइलेरिया से बचाव संभव है।
सीएचओ सविता ने मरीजों को हाथीपांव की नियमित सफाई, सूजन कम करने के उपाय तथा संक्रमण से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डेमो के माध्यम से प्रभावित अंग की सही सफाई और किट के उपयोग की विधि समझाई। उन्होंने कहा कि नियमित देखभाल और स्वच्छता से इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में बीपीएम नागेंद्र मल्ल, एचएस ईश्वरेन्द्र लाल, बीएचडब्ल्यू राकेश, सहयोगी संस्था सीफार एवं पाथ के जिला प्रतिनिधि, पीएसपी सदस्य सीएचओ शबनम, डीसीजी सदस्य अशोक, एएनएम सरस्वती, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, फाइलेरिया मरीज और ग्रामीण उपस्थित रहे।