PHM NEWS

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को मेडिकल के बाद देवरिया कोर्ट में किया गया पेश

प्रकाशित: 11 Dec 2025

♦पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को मेडिकल के बाद देवरिया कोर्ट में किया गया पेश
 

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ पुलिस ने एक पुराने प्रकरण में पूछताछ के सिलसिले में मंगलवार देर रात हिरासत में लेकर बुधवार को देवरिया सदर कोतवाली में पूछताछ की। जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम ने उन्हें रात करीब 2 बजे शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से उस समय हिरासत में लिया, जब वह ट्रेन से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर रहे थे। देर रात की इस कार्रवाई ने पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

बताया जा रहा है कि पुलिस टीम लंबे समय से इस पुराने केस की विवेचना में लगी हुई थी और इसी क्रम में पूछताछ के लिए उनकी तलाश की जा रही थी। हिरासत में लेने के बाद उन्हें सीधे देवरिया लाया गया, जहाँ सुबह तक पुलिस अधिकारियों ने मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, उनसे केस में दर्ज कुछ बयानों, घटनाक्रम से जुड़े पुरानी फाइलों और संदेहास्पद बिंदुओं पर सवाल-जवाब किए गए।

🔷 मेडिकल कॉलेज में कराया गया अनिवार्य परीक्षण
कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस टीम उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देवरिया मेडिकल कॉलेज लेकर पहुँची। यहाँ डॉक्टरों की टीम ने उनका अनिवार्य मेडिकल परीक्षण किया। मेडिकल परीक्षण के दौरान पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई थी ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित स्थिति उत्पन्न न हो सके।

🔷 कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेशी
मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस अधिकारी उन्हें देवरिया दीवानी न्यायालय लेकर पहुँचे। कोर्ट परिसर में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत कर दिया गया था। अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी के जवान तथा खुफिया विभाग के अधिकारी न्यायालय परिसर में मौजूद थे। चूँकि मामला एक संवेदनशील और चर्चित केस से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, इसलिए पुलिस ने पूरी कार्रवाई को सतर्कता के साथ अंजाम दिया।

न्यायालय परिसर में आम दिनों की तुलना में काफी हलचल देखी गई। मीडिया प्रतिनिधियों व वकीलों की उत्सुकता भी बढ़ी हुई थी, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने किसी को भी आरोपी के निकट जाने की अनुमति नहीं दी। न्यायालय में पेशी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई कानूनी दिशा में आगे बढ़ेगी।

सूत्रों का कहना है कि यह पूछताछ और कार्रवाई एक पुराने केस की लंबित जांच का हिस्सा है। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया पर अभी तक लखनऊ या देवरिया पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले के राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों आयाम माने जा रहे हैं, जिसके चलते यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।