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जनपद देवरिया में शनिवार सुबह एक शिक्षक ने कि आत्महत्या

प्रकाशित: 23 Feb 2026

देवरिया ब्यूरो युगेश. तिवारी देवरिया में शनिवार सुबह एक शिक्षक द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने से हड़कंप मच गया। मृतक शिक्षक ने आत्महत्या से पहले चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो भी बनाया, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के एक लिपिक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कुशीनगर के रहने वाले थे कृष्ण मोहन सिंह
मूल रूप से कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान क्षेत्र के हरैया गांव निवासी 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार विकास खंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। वह देवरिया के शिवपुर सहबाजगंज में अपने बड़े भाई अवधेश सिंह के साथ परिवार सहित रह रहे थे।
शनिवार सुबह लगभग 6:30 बजे उन्होंने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

वेतन बाधित होने के बाद बढ़ी परेशानी

परिजनों के अनुसार वर्ष 2016 में विद्यालय में नियुक्त शिक्षकों का वेतन वर्ष 2022 में रोक दिया गया था। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां से वेतन भुगतान का आदेश हुआ। इसके बावजूद भुगतान नहीं हुआ।

सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि बीएसए कार्यालय के एक लिपिक ने मामले में राहत दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये की मांग की, जिसे बाद में 16 लाख रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया। कृष्ण मोहन सिंह ने कर्ज लेकर 16 लाख रुपये दिए, लेकिन इसके बाद भी वेतन जारी नहीं हुआ।

पत्नी के गहने बेचे, जमीन रेहन रखी
नोट के अनुसार रुपये की व्यवस्था करने के लिए पत्नी के गहने गिरवी रखे गए, जमीन रेहन रखी गई और बैंक से कर्ज लिया गया। 17 नवंबर को पादरी बाजार स्थित बैंक शाखा से सात लाख रुपये निकाले जाने का भी उल्लेख किया गया है।
आरोप है कि 27 जुलाई को बीएसए कार्यालय के पास पौधशाला के निकट घूस की पहली किस्त दी गई थी। शेष रकम अलग-अलग तिथियों में दी गई। शिक्षक ने अपने पूर्व प्रधानाध्यापक पर भी बीएसए कार्यालय में संपर्क कराने का आरोप लगाया है।
‘मैं जीना चाहता था, लेकिन मजबूर कर दिया गया’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित सुसाइड नोट में कृष्ण मोहन सिंह ने लिखा है कि वह मरना नहीं चाहते थे और पत्नी व बच्चों के लिए जीना चाहते थे, लेकिन अपमान और कर्ज के बोझ ने उन्हें तोड़ दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
शुक्रवार को कथित तौर पर बीएसए कार्यालय में बुलाकर अपमानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। नोट में दो अन्य शिक्षकों से भी 16-16 लाख रुपये लिए जाने का आरोप लगाया गया है।

परिवार से माफी, बच्चों का ध्यान रखने की अपील

सुसाइड नोट में उन्होंने अपने भाई से पत्नी और दोनों बच्चों का ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने बेटी आस्था के नाम से हाटा स्थित एसबीआई शाखा में सुकन्या समृद्धि खाते और कुछ बीमा पॉलिसियों का भी जिक्र किया है।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने सुसाइड नोट और वीडियो को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी
आपकी जिज्ञासा और खबर की गंभीरता को देखते हुए, यहाँ एक विस्तृत और प्रभावशाली समाचार रिपोर्ट दी गई है:

सिस्टम की भेंट चढ़ा 'गुरुजी' का सम्मान: 16 लाख की घूस और अंतहीन इंतजार ने ली शिक्षक की जान
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल शिक्षा विभाग को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के काले चेहरे को भी बेनकाब कर दिया है। कुशीनगर निवासी एक शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने शनिवार सुबह फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मरने से पहले उन्होंने एक वीडियो और चार पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जो अब विभाग के लिए 'मौत का वारंट' बनता जा रहा है।

कर्ज का बोझ और 'बाबू' की हवस
मृतक शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह (37) गौरीबाजार के मदरसन स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में तैनात थे। परिजनों और सुसाइड नोट के मुताबिक, साल 2022 से रुके हुए वेतन को बहाल कराने के नाम पर बीएसए कार्यालय के एक लिपिक (बाबू) ने भारी-भरकम रकम की मांग की थी।

सौदा: 20 लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में 16 लाख रुपये पर तय हुई।

मजबूरी: रकम जुटाने के लिए शिक्षक ने पत्नी के गहने बेचे, पुश्तैनी जमीन गिरवी रखी और बैंक से कर्ज लिया।

धोखा: 16 लाख रुपये देने के बाद भी वेतन जारी नहीं हुआ और शुक्रवार को कार्यालय में उन्हें कथित तौर पर अपमानित किया गया।

"मैं जीना चाहता था..." – सीएम को संबोधित भावुक पत्र
सुसाइड नोट में कृष्ण मोहन सिंह का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए लिखा कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के लिए जीना चाहते थे, लेकिन कर्जदारों के दबाव और विभाग के अपमान ने उन्हें टूटने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

प्रशासनिक हड़कंप: आरोपी बाबू निलंबित, FIR दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं:

निलंबन: मुख्य आरोपी पटल सहायक संजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

FIR: परिजनों की तहरीर पर संबंधित थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

जांच टीम: सीडीओ (CDO) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच टीम (एसडीएम सदर और डीआईओएस शामिल) गठित की गई है।

एक नजर में पूरा घटनाक्रम
विवरण    जानकारी
मृतक का नाम    कृष्ण मोहन सिंह (निवासी: हरैया, कुशीनगर)
कार्यस्थल    कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन, देवरिया
मुख्य आरोप    वेतन बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की रिश्वत
सुसाइड नोट    4 पेज का पत्र और एक वीडियो बयान
पीछे छूटा परिवार    भाई, पत्नी और दो मासूम बच्चे (बेटी आस्था और बेटा)
शिक्षक की अंतिम अपील: अपने आखिरी संदेश में कृष्ण मोहन ने अपने भाई से परिवार का ख्याल रखने की गुहार लगाई है। उन्होंने अपनी बेटी के सुकन्या खाते और बीमा पॉलिसियों का जिक्र कर जाते-जाते भी पिता होने का धर्म निभाया, लेकिन भ्रष्ट तंत्र ने उनसे उनका जीवन छीन लिया
आपको बता दे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भी हमेशा विवादों में रहा है स्वयं शिवनारायण सिंह और उनके सहयोगी पर ग्राम बसंतपुर के अवध बिहारी त्रिपाठी ने कई आरोप लगाए हैं समस्या यह है जिला अधिकारी महोदय को किए गए शिकायत का ध्यान नहीं रहता है देखना है आने वाले समय में जिला अधिकारी महोदय क्या कार्यवाही करती है

 देवरिया ब्यूरो की रिपोर्ट युगेश. तिवारी