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आलोकित दीवाली मेला: गोरखपुर में रचनात्मकता, रोशनी और नारी उद्यमिता का उज्ज्वल उत्सव

प्रकाशित: 13 Oct 2025

गोरखपुर, 12 अक्टूबर 2025। दीपों, रंगों और सृजनशीलता से जगमगाता “आलोकित – दीवाली मेला” इनर व्हील क्लब ऑफ़ गोरखपुर के तत्वावधान में निपाल क्लब लॉन्स में आयोजित किया गया। सुबह से ही मेले का वातावरण उत्साह और उल्लास से भरा रहा। यह मेला सिर्फ दीपों का उत्सव नहीं, बल्कि नारी उद्यमिता, रचनात्मकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन उद्योगपति विकास केजरीवाल, इनर व्हील की वाइस डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन मधु कमानी और ऐशप्रा ग्रुप की सदस्य मधु सर्राफ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। पहले दीपक की रोशनी के साथ ही वातावरण में नया उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। अध्यक्ष कविता त्रिपाठी, चेयरमैन पूर्वी नारायण पांडे और सचिव रीना त्रिपाठी ने इस आयोजन को सुचारू और सुरुचिपूर्ण ढंग से संचालित किया।

मेले में सजे रंग-बिरंगे स्टॉल्स ने आगंतुकों का ध्यान खींचा। फ़ैशन ब्रांड्स, होममेड स्नैक्स, घरेलू डेकोर, सुगंधित मोमबत्तियाँ और हैंडक्राफ्टेड ज्वेलरी ने मेले को मनोहारी बना दिया। युवा उद्यमिता का उदाहरण भी देखने को मिला। क्लब की संपादक परमप्रीत कौर के पुत्र द्वारा लगाए गए बेकरी और फूड स्टॉल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। हर व्यंजन में मेहनत की मिठास और नए सपनों की खुशबू महसूस की गई।

इस वर्ष मेले में कला उद्यमी रिया जैन ने अपने ब्रांड “आरिया – ऐसथेटिक आर्ट” के माध्यम से रेज़िन आर्ट पीसेज़, सुगंधित कैंडल्स और गिफ्ट आइटम्स की प्रदर्शनी लगाई। रिया ने कहा, “आरिया केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि भावनाओं की यात्रा है, जो मेरे घर से लोगों के दिलों तक पहुंच रही है। इनर व्हील क्लब के ‘आलोकित मेला’ में अपनी कला साझा करना गर्व की बात है।”

शाम ढलते ही मंच पर पारंपरिक नृत्य, फैशन शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दीपोत्सव को और भी जीवंत बना दिया। दीपों की झिलमिलाहट और सुरीले संगीत ने मेले में खास माहौल बनाया।

अवसर पर अध्यक्ष कविता त्रिपाठी ने कहा, “आलोकित दीवाली मेला हमारे शहर की संस्कृति, नारीशक्ति और सामाजिक समरसता का उत्सव है। हर दीपक नई आशा की प्रतीक है।” वहीं सचिव रीना त्रिपाठी ने कहा, “जब महिलाएँ अपने हुनर और सृजन को साझा करती हैं, तो समाज को रोशनी मिलती है। यह मेला समर्पण और आत्मविश्वास का प्रतीक है।”

मेले का समापन सामूहिक दीप प्रज्वलन और आतिशबाज़ी के साथ हुआ, जिसने आकाश को रोशनी से भर दिया। इस आयोजन ने गोरखपुरवासियों को यह संदेश दिया कि रोशनी केवल बाहर नहीं, भीतर भी जलनी चाहिए।