गोरखपुर में भाजपा कार्यशाला: डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान का उद्घाटन किया
गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान की जिला कार्यशाला शुक्रवार को रानीडीहा स्थित भाजपा कार्यालय पर संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी मौजूद रहे।
डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि “स्वदेशी को अपनाना ही सच्चे अर्थों में राष्ट्रसेवा है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से गाँव-गाँव और शहर-शहर में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा।” उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से महिलाएँ हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं और छोटे उद्योगों में भी पुरुषों के बराबर स्व-रोज़गार में सक्षम हो रही हैं।
जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान 25 सितंबर से 25 दिसंबर तक चलेगा और इसके दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जन-जन तक अभियान की पहुँच सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। खजनी विधायक रामजी चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विज़न केवल आत्मनिर्भर भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत को सशक्त आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना है।
कार्यशाला के दौरान “समर्थ उत्तर प्रदेश” और अन्य योजनाओं पर चर्चा हुई और अभियान के तहत कार्यकर्ताओं एवं आमजन की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मिशन शक्ति के तहत महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, समूह सखियों, आशा बहुओं और एएनएम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आंगनबाड़ी भवन पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम सचिव और प्रधान को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री रामानंद यादव ने किया। इस अवसर पर चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष मनोज शुक्ला, संजय सिंह, जगदीश चौरसिया, शेष मणि त्रिपाठी सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्तापूर्ण कार्य के माध्यम से ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाया जा सकता है।