भाजपा MLC ने DDU के डीन पर लगाए गंभीर आरोप, कहा– डांटने से छात्र के पिता की मौत
डीन प्रो. राजवंत राव बोले– आरोप निराधार, कुलपति ने बनाई जांच समिति
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय (DDU) गोरखपुर विश्वविद्यालय एक बड़े विवाद में आ गया है। भाजपा विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेंद्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय के आर्ट फैकल्टी डीन एवं गणित विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष प्रो. राजवंत राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एमएससी गणित के छात्र आयुष मिश्र को जानबूझकर फेल किया गया और इस मामले को लेकर गुहार लगाने पहुंचे छात्र के पिता मुरलीधर मिश्र की मौत विभागाध्यक्ष की डांट-फटकार से हुई।
क्या हैं MLC के आरोप
छात्र आयुष मिश्र ने पहले तीन सेमेस्टर में 73% से अधिक अंक पाए थे, लेकिन चौथे सेमेस्टर में क्लासिकल मेकेनिक्स पेपर में लिखित परीक्षा में केवल 34 अंक और इंटरनल में मात्र 1 अंक दिया गया।
उपस्थिति 75% से अधिक होने के बावजूद 5 अनिवार्य अंक भी नहीं दिए गए।
1 सितंबर को छात्र अपने पिता के साथ विभागाध्यक्ष के कक्ष में गया, जहां डांट-फटकार के बाद पिता की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
MLC ने इस मामले में विभागाध्यक्ष, संबंधित परीक्षक व आंतरिक परीक्षक पर कार्रवाई, पेपर की दोबारा जांच, परिवार को 1 करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
डीन का पक्ष
प्रो. राजवंत राव ने सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वे 24 जुलाई को ही गणित विभाग के प्रभारी बने हैं, जबकि परीक्षा उससे पहले हो चुकी थी। विभागाध्यक्ष का मूल्यांकन से कोई सीधा संबंध नहीं होता।
उन्होंने बताया कि छात्र अपने पिता के साथ आए थे, जहां उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया और भेजते समय तक वे जीवित थे। किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया गया।
जांच समिति करेगी पड़ताल
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।