कैंट पुलिस ने डीएवी कॉलेज प्रोफेसर के घर हुई लाखों की चोरी का किया खुलासा
गोरखपुर। कैंट पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए डीएवी डिग्री कॉलेज की सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. सरोज श्रीवास्तव के घर में हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों — मोनू गौड़ उर्फ बाबा नायक और हसन खान को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 30 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, दो कैमरे और ₹1,98,472 नगद बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी ने गुरुवार को पुलिस लाइन वाइट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि यह मामला मु0अ0सं0 609/2025 धारा 331(4), 305(ए), 317(2), 112 बीएनएस थाना कैंट से संबंधित है। रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. सरोज श्रीवास्तव अपने बेटे के पास बेंगलुरु गई थीं। इस दौरान चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर लाखों की चोरी की।
सूचना पर कैंट पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की और केवल 24 घंटे में अपराधियों को धर दबोचा। अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे बंद पड़े घरों की रेकी करते थे। घटना के दिन उन्होंने मकान के पीछे की खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गैस कटर से आलमारी खोलकर सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य सामान चोरी किया। बाद में वे माल को अपने ठिकाने पर छिपा दिए थे।
गिरफ्तार चोरों का आपराधिक इतिहास:
मोनू गौड़ उर्फ बाबा नायक, निवासी भभवली चौराहा (देवरिया), वर्तमान पता भरवलिया बुजुर्ग, थाना रामगढ़ताल, गोरखपुर — इस पर हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
हसन खान, निवासी चौरा भाना, थाना चौरीचौरा — पहले बकरी चोरी के मामले में जेल जा चुका है और उस पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी हुई थी।
बरामदगी में सोने के 10 मंगलसूत्र, झुमके, बाली, कड़े, सिक्के, चांदी के बर्तन, मूर्तियाँ, कटोरी, तश्तरी, कैमरे, ₹1.98 लाख नकद और चोरी के दस्तावेज शामिल हैं।
प्रोफेसर ने जताया आभार:
बरामदगी की जानकारी मिलने पर डॉ. सरोज श्रीवास्तव पुलिस कार्यालय पहुंचीं और कैंट पुलिस टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा, “योगी सरकार की पुलिस ने मात्र 24 घंटे में मेरे सभी चोरी हुए जेवरात और नकदी बरामद कर दिए। मैं एसएसपी, एसपी सिटी, इंस्पेक्टर संजय सिंह और चौकी प्रभारी आशीष दुबे की पूरी टीम की आभारी हूं।”
इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर कैंट संजय सिंह, चौकी प्रभारी पैडलेगंज आशीष दुबे, सीओ कैंट योगेंद्र सिंह और उनकी टीम की प्रमुख भूमिका रही। कैंट पुलिस की सतर्कता ने साबित कर दिया कि गोरखपुर पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त और आमजन की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।