सीएम योगी ने बुढ़िया माई मंदिर में किए दर्शन, सस्पेंशन ब्रिज निर्माण के दिए निर्देश
गोरखपुर, 29 सितंबर। शारदीय नवरात्र के आठवें दिन, सप्तमी तिथि के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कुसम्ही जंगल स्थित प्राचीन बुढ़िया माई मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने आदिशक्ति मां भगवती की प्रतिनिधि स्वरूपा बुढ़िया माई के दरबार में विधिवत हाजिरी लगाते हुए प्रदेशवासियों के कल्याण, सुख और समृद्धि की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री लखनऊ से गोरखपुर पहुंचने के बाद सीधे कुसम्ही जंगल स्थित मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने परंपरागत विधि से पूजन-अर्चन किया, पुष्प अर्पित किए और आरती उतारी। दर्शन के उपरांत सीएम योगी मंदिर परिसर एवं यहां स्थित प्राकृतिक कुंड/तालाब का निरीक्षण करने पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंड के दोनों ओर श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए एक सस्पेंशन ब्रिज (झूला पुल) बनाया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी दीपक मीणा को तत्काल कार्ययोजना तैयार करने को कहा। फिलहाल श्रद्धालुओं को कुंड के उस पार स्थित मंदिर तक जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। योगी ने कहा कि पुल बन जाने से श्रद्धालुओं को सुविधा और सुरक्षा दोनों मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि कुंड की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि बुढ़िया माई मंदिर पूर्वी उत्तर प्रदेश की लोक आस्था का बड़ा केंद्र है और श्रद्धालुओं की भावना को ध्यान में रखते हुए यहां आधारभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता है। उनके प्रयासों से मंदिर परिसर का सुंदरीकरण, सड़क कनेक्टिविटी और व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री के साथ विधायक महेंद्रपाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, जगद्गुरु स्वामी संतोषाचार्य (सतुआ बाबा), कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह, प्रमुख प्रतिनिधि रणविजय सिंह मुन्ना, जीडीए बोर्ड के सदस्य दुर्गेश बजाज और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर आए बच्चों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने बाल श्रद्धालुओं से बातचीत कर उन्हें प्यार से चॉकलेट दी। बच्चों की खुशी देखते ही बनती थी, जबकि अन्य श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
बुढ़िया माई मंदिर लंबे समय तक उपेक्षित रहा था, लेकिन योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से अब इसे धार्मिक पर्यटन और लोक आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।