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सीएमओ ने सहजनवां सीएचसी पहुंच कर की एम्बुलेंस की औचक चेकिंग, लाभार्थी से लिया फीडबैक

प्रकाशित: 08 Nov 2025

गोरखपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा ने शुक्रवार को अचानक सहजनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचकर एम्बुलेंस सेवाओं की औचक जांच की। उन्होंने तीन अलग-अलग सरकारी एम्बुलेंसों में उपलब्ध दवाओं, सुविधाओं और रिकॉर्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेंडम कॉल के जरिए एक महिला लाभार्थी से एम्बुलेंस सेवा के उपयोग और संतुष्टि का फीडबैक भी लिया।

सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिया कि एम्बुलेंस सेवाओं की समय-समय पर जांच की जाए और किसी भी वाहन की सेवा का वेरिफिकेशन तभी किया जाए जब सभी बिंदुओं की समुचित जांच हो जाए। निरीक्षण के दौरान एसीएमओ आरसीएच डॉ. ए.के. चौधरी ने भी जिला महिला अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस की विस्तृत जांच की और अधीक्षक को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

दोपहर बाद सीएमओ डॉ. झा ने अधीक्षक डॉ. व्यास कुशवाहा के साथ सहजनवां सीएचसी परिसर में मौजूद 102 और 108 नंबर एम्बुलेंस की स्थिति देखी। उन्होंने एम्बुलेंस के भीतर जाकर दवाओं, उपकरणों, और लॉगबुक की जानकारी ली। इस दौरान सीएमओ ने अधीक्षक से कहा कि किसी भी प्रकार की दवा की कमी नहीं होनी चाहिए और उपकरणों की नियमित जांच अनिवार्य है।

रिकॉर्ड जांच के दौरान सीएमओ ने एक महिला मरीज का नंबर निकालकर स्वयं फोन किया और यह पुष्टि की कि उन्होंने एम्बुलेंस सेवा का उपयोग किया था। बातचीत में महिला ने सेवा को संतोषजनक बताया और कहा कि किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया गया।

सीएमओ डॉ. झा ने बताया कि जिले में कुल 108 नंबर की 46 और 102 नंबर की 50 एम्बुलेंस सेवाएं निःशुल्क रूप से संचालित हैं। 108 एम्बुलेंस आकस्मिक मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने का कार्य करती हैं, जबकि 102 एम्बुलेंस गर्भवती, प्रसूता और नवजात माताओं को पिक एंड ड्रॉप सुविधा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी नियमित रूप से किए जाएंगे।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने सहजनवां सीएचसी और तुर्कमानपुर शहरी स्वास्थ्य केंद्र का भी दौरा किया। वहां उपस्थिति पंजिका की जांच के दौरान एक चिकित्साधिकारी और दो स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने इन सभी से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। तुर्कमानपुर शहरी स्वास्थ्य केंद्र पर उन्होंने फार्मेसी, पैथोलॉजी और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का भी निरीक्षण किया तथा गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने को कहा।